जिला जेल में बंद चल रहे नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी की इलाहाबाद के स्वरूपरानी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार की शाम मौत हो गई। उसको लीवर में संक्रमण के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया।
सोनभद्र जनपद के मांची थाना क्षेत्र के वापी गांव निवासी नंदू खरवार (38) मजदूरी करता था। वर्ष 2008 में मांची थाने की पुलिस ने उसे नक्सलियों का सहयोग करने व उनकी बैठकों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जिला जेल में बंद था। उसकी कुछ वर्ष पहले तबियत खराब हुई। अक्सर उसका पेट फूल जाता था। उसकी तबियत खराब होने पर उसे 20 अगस्त को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
वहां से डाक्टरों ने नंदू को इलाहाबाद के स्वरूपरानी चिकित्सालय में रेफर कर दिया। वहां उसका दो दिनों तक इलाज करने के बाद नंदू को वापस जेल लाया गया। 25 अगस्त को तीसरी बार उसकी तबीयत खराब हुई तो जेल प्रशासन उसे इलाहाबाद के स्वरूपरानी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने शाम को उसके लीवर में संक्रमण बताते हुए आपरेशन करने को कहा। मगर आपरेशन से पहले ही रविवार को शाम तीन बज कर 45 मिनट पर उसने दम तोड़ दिया। जेलर डा. समर बहादुर सिंह ने कहा कि 28 अगस्त की शाम लगभग चार बजे इलाज के दौरान नंदू की मौत हुई।