मध्य प्रदेश जाने वाली मिर्जापुर-रीवा सड़क पर फिर से जोरों की वसूली शुरू हो गई है। अबकी पुलिस की वर्दी पहन कर कुछ लोग वसूली कर रहे हैं। उन पर कोई नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। जिले में दो महीने पहले ड्रमंडगंज और चील्ह में जिला पंचायत के टोल के नाम पर धड़ल्ले से वसूली की जाती थी। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने सख्ती की और 24 लोगों को गिरफ्तार किया। उसके बाद रोक लगी थी लेकिन अब फिर पुलिस की वर्दी में वाहनों से वसूली होेने लगी है।
कुछ दिनों पूर्व तक मध्य प्रदेश जाने वाले रास्ते में ड्रमंडगंज के पास जिला पंचायत के कर्मचारी बन कर 10 लोगों की टीम वहां से आने-जाने वाले वाहनों से वसूली करती थी। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण उन पर कोई हाथ नहीं डालता था। यह बात प्रदेश सरकार को पता चली तो दो महीने पहले पुलिस को छापामारी करने का निर्देश प्राप्त हुआ। ऐसे तमाम अवैध बैरियरों पर पुलिस ने एक साथ छापामारी की और 24 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
उसके बाद इस रास्ते पर अवैध वसूली बंद हो गई। कुछ समय तक वसूली बंद रही लेकिन अब फिर कुछ लोग पुलिस की वर्दी में वाहनों से वसूली करने लगे हैं। हनुमान घाटी में चालकों को डरा-धमकाकर बड़े पैमाने पर वसूली की जा रही है। पुलिस भी इस मामले में फिलहाल मौन साधे हुए है।
नवनिर्मित वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर टोल बैरियर बने हैं। वहां वसूली के खिलाफ ग्रामीण समाज एकजुट हैं। गांव वालों और बैरियर पर तैनात कर्मचारियों के बीच टोल टैक्स को लेकर ठनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमानुसार बैरियर के 20 किलोमीटर दायरे में आने वाले गांवों के लोगों के लिए वसूली नहीं की जा सकती है। साथ ही जहां से सड़क शुरू होती है, उसके 30 किलोमीटर के बाद ही बैरियर लगाया जा सकता है।
यहां सड़क के शुरुआती तीन किलोमीटर के दायरे में ही बैरियर बना दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन ने तीन माह पूर्व इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। तब डीएम ने स्कूली वाहनों और एंबुलेंस से वसूली नहीं करने को कहा था लेकिन कुछ ही दिनों में आदेश बेमानी हो गया।