न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अशोक कुमार मिश्रा ने मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की के साथ बहला फुसला कर दुराचार करने वाले अध्यापक को दोषसिद्ध पाए जाने पर सोमवार को दस वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया। जुर्माने की राशि से 20 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में आदेश जारी किया है।
अभियोजन अनुसार चील्ह थाना क्षेत्र श्रीपट्टी गांव निवासी आरोपी विपिन उर्फ सचिव उर्फ धीरज दूबे पुत्र सिद्धनाथ दूबे लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित एक विद्यालय में टीचर था। आरोपी अपने ही विद्यालय में पढ़ाने के साथ साथ प्रबंधक की बेटी को ट्यूशन भी पढ़ाता था। इसी दौरान बालिका के साथ छेड़खानी भी करने लगा। जानकारी होने पर प्रबंधक ने टीचर को अपने विद्यालय से निकाल दिया।
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विद्यालय से निकाले जाने पर क्षुब्ध हुआ टीचर प्रबंधक से बदला लेने के फिराक में लग गया। इसी बीच प्रबधंक की बेटी अपनी मां के साथ मड़िहान थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित अपने ननिहाल में चली गई। जानकारी होने पर आरोपी टीचर फोन से संपर्क कर 10 जुलाई 2013 को वहां पहुंचा और किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुराचार और लैंगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने सात गवाह प्रस्तुत कराये। मामले की सुनवाई न्यायालय द्वारा सोमवार को की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने आरोपी शिक्षक विपिन दूबे को सभी धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए दस वर्ष की कड़ी कैद तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड लागाया है। उसे जेल भेज दिया गया है।