मनरेगा कार्यों में घोटाले की जांच करने दूसरे दिन सीबीआई हलिया ब्लॉक पहुुंची। सीबीआई के डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने सेवानिवृत्त लिपिक शिवशंकर तिवारी से घंटों पूछताछ की। इसके बाद ग्राम पंचायत की बजाए क्षेत्र पंचायत से कराए गए कार्यों के मूल कागजातों की छानबीन की। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों के मूल अभिलेखों को सीबीआई खोज रही है। दूसरे दिन सीबीआई टीम के हलिया ब्लॉक पहुंचने से कार्यालय में हड़कंप मचा रहा।
सीबीआई की दो सदस्यीय टीम डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में 11वीं बार हलिया ब्लॉक पहुंची। सीबीआई टीम ने ब्लॉक परिसर में कागजातों की जांच किया। जांच के दौरान सीबीआई ने हलिया ब्लॉक में तैनात रहे सेवानिवृत्त लिपिक शिवशंकर तिवारी से कराए गए कार्यों की पूछताछ किया। हलिया ब्लॉक में जिन कार्यों को ग्राम पंचायत से कराया जाना था उनको भी क्षेत्र पंचायत से कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इसके लिए सीबीआई बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव और कार्ययोजना के मूल अभिलेखों को खंगाल रही है। नियमों की अनदेखी करते हुए क्षेत्र पंचायत से काम कराने के मामले में सीबीआई पूर्व ब्लॉक प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्यों से भी पूछताछ कर सकती है। उच्च न्यायालय के लखनऊ खंडपीठ के दो न्यायाधीशों की बेंच ने 31 जनवरी को मनरेगा योजना में वर्ष 2007 से 2010 तक हुए कार्यों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर मनरेगा कार्यों की जांच चल रही है। जिले के हलिया, पटेहरा, सीखड़ और पहाड़ी विकास खंड में वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा में कराए गए कार्यों में घोटाले की जांच चल रही है। खास कर सीबीआई हलिया ब्लॉक में हुए पौने चार करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित फाइलों को खंगाल रही है। इसके पहले स्पेशल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशरफ सिद्दकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जनपद में आकर जांच कर चुकी है। जांच के दौरान पाया कि हलिया ब्लॉक में मनरेगा के कार्यों को कराने में काफी अनियमितता बरती गई है। सीबीआई वर्ष 2012 में हलिया थाने में 54 मुकदमेे दर्ज करा चुकी है।