डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव ने जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी एक युवक पर मारपीट का मात्र एक मामला दर्ज होने पर उसके विरुद्ध गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई करने पर जिगना थानाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने थानाध्यक्ष के कार्रवाई को संदिग्ध बताते हुए जांच का निर्देश अधिकारियों को दिया। आरोपी के भाई अंकुर सिंह के उनसे न्याय की गुहार लगाई थी।
जिगना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी अंकित सिंह के विरुद्ध जिगना थाने में मारपीट व गाली गालौज समेत अन्य आरोप में एक मुकदमा दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के कुछ दिनों बाद अंकित सीआरपीएफ में चयनित हो गया। इसी बीच जिगना पुलिस ने अंकित के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई कर दी। मामले की जानकारी होने पर अंकित के छोटे भाई अंकुर ने थानाध्यक्ष नन्हेराम से किस नियम के तहत गैंगेस्टर की कार्रवाई करने की बात पूछी तो उन्होंने अंकुर को फटकार लगाते हुए बताया अंकित पर कई मुकदमें दर्ज है। जिगना थानाध्यक्ष के व्यवहार से क्षुब्ध आरोपी का भाई शनिवार को डीआईजी रतन कुमार से न्याय की गुहार लगाई।
डीआईजी के पीआरओ शफीक अहमद ने जिगना मुकदमें के बारे में ंपूछा तो उन्हें भी थाना प्रभारी ने तीन मुकदमा दर्ज होने की बात बताई। जब डीआईजी ने थानाध्यक्ष से पूछताछ किया तो एक ही मुकदमा बताया। यह सुनते ही डीआईजी भड़क गए। नन्हेराम सरोज को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि किस नियम के तहत उन्होंने युवक पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की। कार्रवाई को संदिग्ध करार देते हुए मामले की जांच का निर्देश।