प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह द्वितीय ने गबन के मामले में नरसिंग यादव निवासी जमुना थाना सकलडीहा चंदौली को शनिवार को तीन वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया हैं।
अभियोजन अनुसार नरसिंग यादव ने 10 अगस्त 1982 से 31 अगस्त 1983 के मध्य साधन सहकारी समिति विकास खंड कोन जिला मिर्जापुर में बतौर सचिव नौ हजार 320 रुपया 70 पैसे का गबन किया। खुद को बचाने के लिए समिति का फर्जी कैशबुक बनाई। इसका खुलासा आडिट में हुआ। उक्त प्रकरण में उस पर धारा 409 भारतीय दंड संहिता के तहत चील्ह थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
लगभग 33 वर्षों तक इस मामले की सुनवाई चलती रही। इस दौरान इस प्रकरण में अभियोजन की तरफ से सहायक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार सरोज ने छह गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य गवाहों के बयान तथा अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने शनिवार को सुनवाई करते हुए पूर्व सचिव नरसिंग यादव को दोष सिद्ध पाया। 33 वंर्षो से लंबित प्रकरण वाद में न्यायालय ने आरोपी नरसिंग को तीन वर्ष का कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। दूसरे पक्ष ने इस मामले में न्याय मिलने पर खुशी जताई है।