जिला महिला चिकित्सालय में ऑपरेशन से प्रसव के बाद भर्ती आठ महिलाएं गुरुवार की रात इंजेक्शन लगाते ही बेहोश हो गईं। इससे नाराज घरवालों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने रात में ही सीएमओ एवं सीएमएस के आवास पर जाकर मामले से अवगत कराया। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सकों को भेजकर महिलाओं का इलाज कराया, तब उनकी स्थिति बेहतर हुई।
कई गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इनको अलग-अलग तिथियों में ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ था। गुुरुवार की रात करीब साढ़े नौ बजे नर्स इन महिलाओं को दर्द, एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं की सूई लगाने पहुंची।
मरीजों के अनुसार तीनों सूई एक में मिला कर लगाने के कुछ देर बाद महिलाएं कांपने लगीं और धीरे-धीरे बेहोश हो र्गइं। बेहोश होने वाली महिलाओं में रीता (25) पत्नी विजय निवासी भेड़ी चुनार, सोनी (25) पत्नी चांदबाबू निवासी गौरा जिगना, शहनाज (30) पत्नी सानू निवासी चुनार, सीमा (25) पत्नी राजन निवासी अर्जुनपुर, रेनू (26) पत्नी महेश निवासी नटवां कटरा, प्रियंका (30) पत्नी रविकुमार निवासी लालडिग्गी, गीता (25) पत्नी प्रदीप निवासी चेतगंज चील्ह, लक्ष्मी (25) अभयराम निवासी चरवार सोनभद्र शामिल हैं।
महिलाओं की हालत बिगड़ने पर घरवालों ने हंगामा मचाया। सीएमओ एवं सीएमएस के आवास पर जाकर लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दोनों अधिकारियों ने तत्काल चिकित्सकों को भेजा। इलाज के बाद महिलाओं की हालत में सुधार होने पर घर वाले शांत हुए।