डगमगपुर पाही पर सो रहे वृद्ध दंपती का मंगलवार को बदमाशों ने गला रेत दिया। इसमें पति की मौत हो गई जबकि पत्नी गंभीर रूप से जख्मी है। उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन जिला चिकित्सालय पहुंचे और घायल महिला घटना की जानकारी ली और मौका मुआयना किया। घटना के पीछे लूट व भूमि विवाद की आशंका जताई जा रही हैं।
वाराणसी शहर के घौसाबाद निवासी प्यारेलाल (85) कई वर्षों से पड़री इलाके के सिंधोरा स्थित अपने ससुराल में रहता था। उसका बेटा शीतल और पौत्र लक्ष्मण गुजरात के साथ जामनगर में रहता है। शीतल वहीं किसी कंपनी में काम करता है। गांव में प्यारेलाल की पत्नी रमा देवी (80), बहू शकुंतला व पोता राजकुमार तथा पोती पारो रहते हैं। प्यारेलाल और उसकी पत्नी रमा डगमगपुर स्थित पाही पर रहते ते जबकि परिवार के अन्य सदस्य सिंधोरा में।
सोमवार की रात भी प्यारे पत्नी के साथ पाही पर सोया था। मंगलवार की भोर में कुछ बदमाश पहुंचे और मड़हे में घुस आए। सारे सामान को उठा कर बाहर फेंक दिया। विरोध करने पर दोनों का गला रेत कर फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल दंपती की चीखपुकार सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने परिवार वालों को सूचना दी। पोता राजकुमार ने एंबुलेंस बुलाई और दोनों को पड़री पीएचसी ले गया। हालत नाजुक देख डाक्टर ने दोनों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचने पर उपचार के दौरान वृद्घ की मौत हो गई जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का गला क्यों रेता गया इसका खुलासा नहीं हो पाया है और न ही हमलावरों के बारे में कुछ पता चला है। पहली नजर में मामला लूटपाट का लग रहा है लेकिन बदमाश अपने साथ कुछ भी नहीं ले गए हैं। इससे संदेश होता है कि हत्या का कारण लूटपाट के अलावा कोई और कारण है। इसके अलावा घटना के पीछे एक वजह भूमि विवाद भी मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने गांव में जाकर मौका मुआयना किया। पीड़ित परिवार और घायल महिला से बातचीत की। हालांकि अभी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। उसका कहना है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।