कछवां के बरैनी गांव में तेंदुए की तलाश करते ग्रामीण और पुलिसकर्मी।
तेंदुआ नहीं पकड़े जाने से मझवां ब्लॉक के ग्रामीण बुधवार को दूसरे दिन भी सहमे रहे। दहशत का आलम यह रहा कि ग्रामीण दिनभर घरों से बाहर नहीं निकले। कछवां थानाध्यक्ष ने फोर्स के साथ दोपहर में तेंदुए की तलाश की, लेकिन देर शाम तक उसका सुराग नहीं मिला।
कछवां थाना क्षेत्र के बरैनी गांव में मंगलवार को एक तेंदुआ पहुंच गया था। ग्रामीणों ने उसे लाठी लेकर दौड़ाया तो उसने छह लोगों पर हमला कर दिया और गंगा किनारे भाग निकला।
जानकारी होने पर पहुंचे डीएफओ एके पांडेय व सीओ सदर रामनाथ वर्मा तथा कछवां थानाध्यक्ष बृजमोहन सरोज ने देर रात तक तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला।
घटना के दूसरे दिन बुधवार को तेंदुए के डर से ग्रामीण सीवान की ओर नहीं निकले। जबकि किसान भी खेतों पर नहीं गए। किसानों ने कहा कि वन विभाग की टीम अगर समय रहते आ जाती तो तेंदुए को पकड़ा जा सकता था।
सुबह सूचना देने पर दोपहर तीन बजे टीम पहुंची। इससे तेंदुआ गंगा किनारे स्थित अरहर के खेत में घुस गया। देर रात तक पुलिस व पीएसी के जवान लाइट लेकर बैठे रहे लेकिन सुबह होते ही चले गए।
बुधवार को सुबह दस बजे कछवां थानाध्यक्ष ने फोर्स के साथ कई स्थानों पर तेंदुआ की तलाश की। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तेंदुए से ग्रामीण दिनभर दहशत में रहे। थानाध्यक्ष बृजमोहन सरोज ने बताया कि पुलिस ग्रामीणों के साथ्ा तेंदुए की तलाश में निकली थ्ाी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लेकिन फिर भी उसकी तलाश की जा रही है।