मनरेगा घोटाले की जांच करने आई सीबीआई की टीम बुधवार को दूसरे दिन हलिया ब्लॉक पहुंची। प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आई टीम के सदस्यों ने बेदऊर गांव में मनरेगा से खोदे गए कुएं का निरीक्षण किया। उसके बाद ब्लॉक कार्यालय में जाकर अभिलेखों की पड़ताल की।
मनरेगा कार्यों की जांच करने सातवीं बार आई सीबीआई टीम दोपहर में बेदउर गांव पहुंची। वहां मनरेगा के तहत क्षेत्र पंचायत द्वारा वर्ष 2007-08 में बनवाए गए कुएं का निरीक्षण किया। कूप की गहराई और चौड़ाई की नाप कराने के बाद टीम हलिया ब्लॉक मुख्यालय पहुंची। वहां कार्यालय में घंटों अभिलेखों की पड़ताल की जाती रही। वहां से निकलने के बाद टीम के सदस्य पवारी कला नाले पर बने पुल को देखने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पुल की लंबाई और चौड़ाई की माप कराई। फिर जांच टीम बंजारी कला के नीलामी बस्ती में बने कूप निरीक्षण किया। इसके बाद टीम जिला मुख्यालय लौट गई। वहीं सीबीआई अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं। टीम के हालिया पहुंचने पर अफरातफरी मच गई थी। अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं।
बता दें कि उच्च न्यायालय के लखनऊ खंडपीठ के दो न्यायाधीशों की बैच ने 31 जनवरी को मनरेगा योजना में वर्ष 2007 से 2010 तक हुए कार्यों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर मनरेगा कार्यों की जांच चल रही है। इसके पहले स्पेशल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशरफ सिद्दकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जनपद में आकर जांच कर चुकी है। हलिया ब्लॉक में भी मनरेगा के तहत कार्यों को कराने में काफी अनियमितता बरती गई है। सीबीआई हलिया ब्लॉक में हुए पौने चार करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित फाइलों को खंगाल रही है। सीबीआई वर्ष 2012 में हलिया थाने में 54 मुकदमे दर्ज करा चुकी है।