नई दिल्ली से आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने मंगलवार को तहसील के गंगापार नंदूपुर स्थित एक ईंट भटठ्े पर काम कर रहे 24 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया।
ये मजदूर वाराणसी, मिर्जापुर और चंदौली के निवासी हैं। ये लगभग तीन वर्षों से यहां मजदूरी कर रहे थे। आयोग की टीम ने उन्हें उनके घर भिजवाया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम में शामिल राजवीर सिंह व लालबहादुर ने बताया कि आयोग में मजदूरों द्वारा की गई शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।
टीम के सदस्यों ने मंगलवार को आसपास के अर्न्य इंट भठ्ठों पर भी छापेमारी की। पर इसकी भनक मिलते ही भठ्ठा मालिकों ने मजदूरों को मौके से भगा दिया।
वे खुद भी गायब हो गए। अपर श्रमायुक्त विध्याचल मंडल पंकज सिंह राणा ने बताया कि छापामारी नंदूपुर इलाके के सीएलए मार्का ईंट-भट्ठे पर गुपचुप तरीके से की गई थी।
टीम के सदस्य पहले चुनार तहसील पहुंचे और वहां से प्रशासनिक अधिकारियों को अपने साथ ले कर छापेमारी में शामिल हुए।
बंधुआ मजदूर के रूप में ईंट-भट्ठे पर करने वाले वाराणसी निवासी जवाहर, सविता, दुर्गा प्रसाद, इंदिरा देवी, मुनगू, सुभावती, राधेश्याम, गौरा, प्रकाश, रोशनी, राजेश, उमेश, लक्ष्मी, बाबा, शकुंतला, लल्लू और कुंआरी, मिर्जापुर निवासी कैलाश, तारा देवी, घूरे लाल, लालती और चंदौली के रहने वाले पिंटू और नैना को टीम ने मुक्त कराया।
मानवाधिकार आयोगी की टीम के साथ तहसीलदार आरके सिंह, लेबर इंसपेक्टर श्रीकांत मिश्र, केपी जायसवाल, बसंतलाल श्रीवास्तव और स्वयंसेवी संस्था गुड़िया के लोग मौजूद रहे।