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चार घंटे तक बिसुंदरपुर कचहरी मार्ग रहा जाम

Sun, 09 Oct 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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चक्का जाम
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देहात कोतवाली क्षेत्र के लच्छापट्टी केवटपुरवा गांव के लोगों ने आरोपियो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार की सुबह आठ बजे बिसुंदरपुर-कचहरी मार्ग को सखौरा कैनाल पंप के पास जाम कर दिया।  नाराज ग्रामीण आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे शहर एवं देहात कोतवाल सुनील सिंह तथा शफीक अहमद ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया।  इसी बीच पहुंचे एएसपी सिटी अशोक शुक्ला व सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव के बीच आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर नोकझोंक होने लगा।  मामला बढ़ने पर ग्रामीणों ने दोबारा सड़क जाम कर एएसपी सिटी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख एएसपी सिटी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया तब ग्रामीण शांत हुए।   
बता दें कि लच्छापट्टी केवटपुरा गांव निवासी झूर पाल 35 वर्ष पुत्र गंगाराम एक अक्तूबर को शहर कोतवाली क्षेत्र के सरैया के एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने गया था। इसके बाद घर नहीं लौटा। दो अक्तूबर को उसकी लाश पड़री के पचपुलवा गांव में रेलवे लाइन के पास मिली थी। अखबारों में निकली खबर पढ़कर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव देखकर उसकी शिनाख्त झूरू पाल के रूप में किया। परिजनों ने  मकान मालिक व मिस्त्री पर झूरू पाल की हत्या कर शव पड़री में फेंकने का आरोप लगाते हुए  तहरीर दी। 
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पुलिस ने मकान मालिक गुलाम रसूल मंसूरी निवासी तरकापुर तथा अजय भारती राजमिस्त्री के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।  लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर शनिवार को परिजन नाराज हो गए और ग्रामीणों के साथ मिलकर सुबह आठ बजे सखौरा कैनाल पंप के पास सड़क जाम कर दिया। कहा कि जबतक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाएंगे तबतक  जाम नहीं हटाएंगे।  मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया। तभी अपर पुलिस अधीक्षक नगर अशोक शुुक्ला पहुंच गए और लोगों से बात करने गले। इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव भी आ गए। जिससे ग्रामीणों ने शिकायत किया आरोपियों को गिरफ़्तार नहीं किया जा रहा है।
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     यह सुनते ही जिलाध्यक्ष ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं होगी तो अधिकारी हटेंगे। इसी बात को  लेकर एएसपी सिटी व जिलाध्यक्ष में नोकझोंक होने लगी। ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पक्ष में खड़े हो गए और एसपी सिटी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लेकिन कुछ देर बाद एसपी सिटी व जिलाध्यक्ष ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया। 
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