चौदह वर्ष से फरार चल रहे तिहरे हत्याकांड के आरोपी को देहात कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने रविवार की भोर में चार बजे देहात कोतवाली क्षेत्र के वीरपुर गांव के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया हत्यारोपी पांच हजार रुपये का इनामी है। ये बातें पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताई।
उन्होंने बताया कि कटरा कोतवाली क्षेत्र के बरौधा कचार में 21 दिसंबर 2002 की रात आशनाई के चलते चार लोगों ने घर में घुस कर एक ही परिवार के मनोज तिवारी पुत्र गिरजा शंकर तिवारी, प्रदीप तिवारी व पिंटू उर्फ संदीप तिवारी पुत्रगण संतोष तिवारी की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गए थे। हरिशंकर तिवारी की तहरीर पर मौलबी बिंद , रामधनी बिंद पुत्रगण हीरालाल बिंद निवासी बरौधा कचार, बाबा बिंद पुत्र मुन्नीलाल निवासी करनपुर, संतोष तिवारी पुत्र रामअवध निवासी बरौधा के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मौलबी, संतोष तथा बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि रामधनी घटना के दिन से ही फरार चल रहा था। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। रामधनी पर पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। वह फरारी के दौरान मुंबई में रहा इसके बाद इलाहाबाद में जमीन खरीद कर रहने लगा।
पुलिस को जानकारी मिली कि 14 वर्ष से फरार चल रहा हत्यारोपी रामधनी टांडाफाल निवासी अपने भाई मौलबी के यहां आने वाला है। जानकारी होते ही देहात कोतवाल शफीक अहमद व क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम लगाई गई। टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए वीरपुर के पास घेराबंदी कर रही थी कि भोर चार बजे रामधनी आते हुए दिखाई दिया जिसे दबोच लिया गया।