मिर्जापुर। शहर कोतवाली की अस्पताल चौकी पुलिस ने 30 लोगों से स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वाय की नौकरी देने के नाम पर 60 लाख लेकर उनको फर्जी नियुक्त पत्र देने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। जिसमें गिरोह के सरगना को चौकी के बाहर ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी सैयद परवेज रजा स्वास्थ्य विभाग में लोगों को फर्जी तरीके से बार्ड ब्वाय की नौकरी दिलाने की बात करके पैसा लेकर कुुछ महीने बाद ही नियुक्त पत्र देता है। परवेज एक व्यक्ति से एक लाख से लेकर सात लाख रुपया तक लेता है। पिछले दस सालों में उसने 30 लोगों को फर्जी नियुक्त पत्र देकर स्वास्थ्य विभाग में भेजा। बदले में लगभग 60 लाख रुपया वसूले। यही नहीं विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से 30 लोगों को नियुक्त पत्र देने के बाद कुछ लोगों को विभिन्न जिलों के पीएचसी-सीएचसी में ज्वाइन भी करा दिया गया। इसकी जानकारी होने पर अस्पताल चौकी प्रभारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने आरोपी पर मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।
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ठगी के शिकार हुए पीड़ित भरेठा मिर्जामुराद निवासी सनेश कुमार, महेंद्र पटेल निवासी मडुआडीह वाराणसी समेत अन्य ने बताया कि आरोपी ने उनको नियुक्त पत्र दिया है। इसके साथ ही कुछ महीने तक जनपद के कई सीएचसी पीएचसी पर नौकरी भी की गई है। लेकिन वेतन नहीं मिलने पर जब उन्हें आशंका हुई तो अधिकारियों से जालसाजी का पता चला।
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लोगों को नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपये ऐठ चुका सिविल लाइन निवासी परवेज रजा ने मड़िहान के पटेहरा में उसी पैसे से 65 बीघा जमीन लिखा चुका है। इसकी जानकारी होने पर भुक्तभोगियों ने जमीन पर कब्जा करने की बात कही है।
वर्जन
लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठने वाले एक गिरोह का सदस्य गिरफ्तार किया गया है। उसके विरुद्घ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है। इसमें कौन लोग शामिल हैं इसकी जांच की जा रही है। सुधीर कुमार, सीओ नगर