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धनिया के खेत में मिला बालक का कटा हुआ सिर

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पड़री। क्षेत्र के नान्हूपुर में मंगलवार की सुबह सात बजे एक व्यक्ति की ओर से गृह निर्माण के लिए नींव खोदते समय बगल में स्थित खेत में अज्ञात करीब 12 वर्षीय बालक का कटा हुआ सिर मिला। इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराने की बात कही है। पुलिस धड़ की तलाश करने में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी सदर ने कहा की मामले का खुलासा जल्द कर दिया जाएगा।
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नान्हूपुर निवासी कृष्ण कुमार दुबे उर्फ डंगर दुबे मंगलवार को अपने कच्चे मकान के बगल में पक्का घर बनाने के लिए नींव खुदवा रहे थे। इस स्थान के बगल में खेत में धनिया बोई गई है। धनिया की फसल को सरपत से ढंक कर पानी दिया जा रहा है ताकि धूप से वह खराब न हो। कृष्ण कुुमार दूबे सोमवार की शाम गांव के ही एक व्यक्ति के लड़के की शादी में शामिल होने वाराणसी गए थे। देर रात वह घर आए। मंगलवार की सुबह सात बजे उनकी पत्नी चंद्रिका देवी जमीन की ओर गई तो कुछ कुत्ते पैर से जमीन खोद रहे थे। यह देख वह वहां पहुंची तो वहां किसी बच्चे के सिर का कुछ हिस्सा दिखा। उन्होंने पति को सूचना दी। कृष्ण कुमार ने पहुंचे और जमीन की खोदाई की तो एक बच्चे का कटा हुआ सिर मिला। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने बालक की हत्या कर सिर खेत में गाड़ने और धड़ कहीं और छिपाने की आशंका जताई। सूचना पर थानाध्यक्ष पड़री विश्वज्योति राय ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद सीओ सदर बृजेश तिवारी, डॉग स्क्वॉड, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने सिर को पोस्टमार्टम भेज दिया। कहा कि बालक की पहचान के लिए डीएनए जांच कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कटे हुए सिर से बदबू आ रही थी जिससे लगता है कि घटना तीन दिन पहले हुई होगी। पुलिस ने अगल बगल के ग्राम प्रधानों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की। काफी पूछताछ के बाद भी बालक की शिनाख्त नहीं हो पाई। सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के तह तक पहुंचा जा सकता है।
नान्हूपुर गांव निवासी कृष्ण कुमार दुबे के परिवार के लोग नींव के बगल में बालक का सिर मिलने को लेकर सकते में हैं। वे इस बात को लेकर परेशान हैं कि अज्ञात बालक का सिर यहां कैसे पहुंचा. परिवार की मानें तो उनकी कुछ लोगों से अनबन चलती है। उन्हीं लोगों ने गंगा नदी करीब होने के कारण किसी तांत्रिक से मिल कर यह कार्य किया होगा। गृहस्वामी के पत्नी आदि का मानना है की उस जगह पर घर बनाना अशुभ है। उनका कहना है कि किसी तरह 35 हजार रुपये का प्रबंध कर नींव खुदवाई थी।
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