कछवां। चौबीस घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजकर थाने के बाहर रखकर हीलाहवाली बरती रही कछवां पुलिस की रवैये को देखकर शुक्रवार की दोपहर भैंसा गांव के ग्रामीण भड़क गए। हंगामा करने पर कछवां थानाध्यक्ष ने शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया तब ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भैंसा पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही थी इसलिए शव को 24 घंटे तक थाने के बाहर रखा था। मामला हल नहीं होने पर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि क्षेत्र के भैसा गांव में गुरुवार की सुबह दस बजे करेंट की चपेट में आने से पूनम पत्नी उमेश 23 वर्ष की मौत हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस लाश को पोस्टमार्टम भेजने के लिए थाने उठा ले आई। लेकिन पोस्टमार्टम नहीं भेजा और थाने के बाहर की लाश रखवा दी। शव नहीं भेजने के बारे में रात को पूछने पर बताया कि भैंसा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार नहीं है इसलिए लाश का पंचनामा नहीं भरा गया। उनके आने के बाद भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। जिससे महिला की लाश रातभर थाने के बाहर पड़ी रही। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी चौकी इंचार्ज नहीं आए तो ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष से दूसरे दारोगा से पंचनामा भरवाकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाने की गुहार लगाई लेकिन कछवां पुलिस ने उनकी एक न सुनी। कहा कि चौकी इंचार्जँ के आने के बाद ही लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पुलिस के इस लापरवाह रवैये को देख ग्रामीणों का गुस्सा दोपहर में फूट पड़ा और वह हंगामा मचाने लगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देख थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने दूसरे एसआईसी से आनन फानन में पंचनामा भरवाकर शव को दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।