चील्ह। मिर्जापुर-औराई मार्ग पर शास्त्री सेतु के पास ट्रक से कुचल कर मंगलवार की दोपहर एक महिला घायल हो गई। वह अपने भाई साथ मां विंध्यवासिनी का दर्शन कर लौट रही थी। लगभग डेढ़ घंटे तक वह दर्द से छटपटाती रही लेकिन फोन करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिला चिकित्सालय में परिवार वालों जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पुलिस की लापरवाही और एंबुलेंस नहीं आने की वजह से उसकी मौत हो हुई।
भदोही जनपद के सुरियांवा भावापुर निवासी दीपक मिश्रा की पत्नी बविता (35) मां से मिलने पांच अक्तूबर को मायके आई थी। मंगलवार को छोटे भाई बृजेश तिवारी (22) के साथ बाइक से विंध्याचल दर्शन करने गई थी। सुबह करीब दस बजे दर्शन करने के बाद घर लौट रही थी कि शास्त्री सेतु के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार थी। इससे बृजेश अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर पड़ा जबकि बबिता ट्रक के पहिये के नीचे आ गई। उसका सिर और पैर बुरी तरह कुचल गया। बृजेश ने तत्काल 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को भी सूचना दी। करीब एक घंटे तक बबिता सड़क पर तड़पती लेकिन ना एंबुलेंस आई और ना ही पुलिस। बबिता के भाई ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे बाद घर पर सूचना देने पर उसका भाई बोलेरो लेकर पहुंचा, जिससे उसको लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां देखते ही चिकित्सकों ने बबिता को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिवार वाले स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग के खिलाफ हंगामा करने लगे।
व्यवस्था को लेकर कड़ी नाराजगी जताते हुए हंगामा मचाने लगा। कहा कि इन दिनों विभाग की लापरवाही के चलते उसकी बहन की जान चली गई। अगर समय से एंबुलेंस पहुंच जाता तो बबिता की जान बच जाती । बबिता की भाभी विभा तिवारी व पुष्पा तिवारी ने बताया कि जब वह लोग बोलेरो लेकर मौके पर पहुंचे तो उनका देवर सहायता करने की गुहार लगा रहा था लेकिन कोई आगे नहीं आ रहा था।