मिर्जापुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 11 हजार 657 मामलों का निस्तारण किया गया। वादों के निस्तारण के बाद लगभग 11 लाख रुपये जुर्माना वूसल किया गया। सुलह समझौते के आधार पर 27 मोटर दुर्घटना का निस्तारण और मृतकों और घायलों को 86 लाख 29 हजार बीमा कंपनियों से प्रतिकर चेक दिलाया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ प्रशासनिक न्यायपूर्ति अरविंद कुमार मिश्र और प्रभारी जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर संयुक्त रुप से किया। प्रभारी जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र ने छह मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों तथा पांच वादों का निस्तारण किया और 15.45 लाख रुपया मृतकों के परिजनों को प्रतिकर दिलाया। विशेष न्यायाधीश एससी व एसटी एक्ट विशेष शर्मा ने छह मोटर प्रतिकर वाद सहित तीन अन्य वादों का निस्तारण कराया। उन्होंने 17.40 रुपये प्रतिकर दिलाया। विशेष न्यायाधीश इसी एक्ट संजय हरी शुक्ला ने चार मोटर दुर्घटना सहित 16 विद्युत वादों का निस्तारण करके 9. 60 लाख रुपया प्रतिकर दिलाया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी आलोक पांडेय ने पांच मोटर दुर्घटना सहित दो अन्य वादों का निस्तारण कराया। उन्होंने 15.43 लाख प्रतिकर दिलाया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रामलखन सिंह ने एक मोटर प्रतिकर सहित चार अन्य का निस्तारण कराया। इस दौरान 6.50 लाख रुपया प्रतिकर दिलाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पृथ्वी पाल यादव ने 23 मामलों का निस्तारण कराया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम प्रताप सिंह ने 3797 मुकदमों का निस्तारण किया। इस दौरान सिविल जज सीनियर डिविजन ओमवीर सिंह, चेयरमैन चिंतामणि शुक्ल, प्रथम एसीजीएम मनोज कुमार सिंह, अपर सिविल जज रमाकांत प्रसाद, सिविल जज जूडि चुनार बटेश्वर कुमार, सिविल जज अलका यादव, अपर सिविल जज आकांक्षा मिश्रा ने भी वादों का निस्तारण कर प्रतिकर दिलाया।