मिर्जापुर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय देवकांत शुक्ला ने दहेज हत्या के जुर्म में सुनवाई करते हुए पति, देवर व सास को सुनवाई के दौरान बहू को हत्या के लिए उत्प्रेरित करने का दोषी पाते हुए पति व देवर को दस वर्ष की कड़ी कैद के साथ सास को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को एक लाख पंद्रह हजार रुपया जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया।
अभियोजन अनुसार मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के सोना गिरि भेल सेक्टर निवासी एवं वादी मुकदमा दिनेश कुमार शुक्ल पुत्र अंबिका प्रसाद ने अपनी पुत्री नंदिनी की शादी 25 नवंबर 2007 को भोपाल जनपद के ही थाना पिपलानी छत्रशाल नगर निवासी विजय त्रिपाठी पुत्र वृंदावन त्रिपाठी के साथ किया था। नंदिनी का पति मिर्जापुर जनपद के थाना चुनार क्षेत्र में जेपी सीमेंट फैक्ट्री में इंजीनियर था। दहेज में चार पहिया वाहन के साथ दान-दहेज में काफी पैसा खर्च किया था। फिर भी नंदिनी के ससुरालीजन दहेज में खुश नहीं थे और चार पहिया वाहन स्कार्पियो की मांग कर रहे थे। न मिलने पर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर उसकी पुत्री नंदिनी त्रिपाठी सितंबर 2011 को अज्ञात कारणों से उसकी मृत्यु हो गई। पिता की तहरीर पर थाना चुनार में धारा 498ए, 304बी, 302, 34 भादस व 3,4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप-पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनोद कुमार गुप्ता ने तथ्य प्रस्तुत किए। अधिवक्ताओं की दलील पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने पति विजय त्रिपाठी, देवर अजय त्रिपाठी पुत्रगण वृंदावन त्रिपाठी को दस वर्ष का कारावास एवं सास सरोज त्रिपाठी पत्नी वृृंदावन त्रिपाठी को सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को एक लाख पंद्रह हजार रुपये जुर्माने से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
पति, देवर व सास को दस वर्ष की कड़ी कैद