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दुराचार के आरोपी की जनामत अर्जी निरस्त

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मिर्जापुर। सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र की अदालत ने बलात्कार के आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दिया। कोर्ट ने घटना में जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
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अभियोजन के अनुसार जमालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी पीड़िता की मां ने छह अप्रैल 2018 को थाने में तहरीर दी कि उसकी 18 वर्षीय पुुत्री 27 मार्च 2018 को कैलहट स्थित एक कालेज में पढ़ने गई थी। कालेज से पढ़ाई कर लौट रही थी कि उसका एक रिश्तेदार अनिल विश्वकर्मा निवासी अदलहाट मिल गया। उसे घर छोड़ने के बहाने एक औद्योगिक क्षेत्र में ले गया जहां कमरे में उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया और उसका वीडियो बनाकर उसे धमकाया कि अगर किसी को घटना के बारे में बताया कि उसका वीडियो वायरल कर देगा। जब अपनी पुत्री की शादी बनारस में तय की तो आरोपी वहां जाकर वर पक्ष को वीडियो दिका दियावीडियों को लड़के पक्ष के लोगों को दिखा दिया जिससे उसका रिश्ता टूट गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्घ धारा 376, 323, 509, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जेल में बंद आरोपी अनिल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत अर्जी दिया था। जमानत का विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि पीड़िता ने धारा 161 और 164 के बयान में घटना की पुष्टि की है। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर अपराध को घृणित व निंदनीय मानते हुए जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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