फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या में पति विजय कुमार, जेठ दयाशंकर तथा जेठानी उर्मिला को दोष सिद्घ पाए जाने पर बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं सास ससुर के वृद्घा अवस्था को देखते हुए कोर्ट ने सात सात वर्ष के सजा से दंडित कर जेल भेजा।
अभियोजन अनुसार चील्ह थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मुवैया गांव निवासी एवं वादी मुकदमा विपिन कुमार गौतम ने अपनी भतीजी सुनीता की शादी 24 अप्रैल 2012 को देहात कोतवाली क्षेत्र के खरहरा गांव निवासी किशोरी लाल के पुत्र विजयलाल के साथ किया था। ससुराल वाले चार पहिया वाहन को देने मांग कर रहे थे। उसी मांग को पूरा नहीं करने पर उसकी सुनीता को प्रताड़ित करते थे। दो जुलाई 2014 को दस बजे रात मारपीट कर उसे जला दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
वादी की तरहीर पर देहात पुलिस ने पति समेत समस्त आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए,304 बी भारतीय दंड संहिता और तीन बटे चार डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केके पांडेय व राजेश् यादव ने छह गवाह प्रस्तुत कराए। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने बुधवार को किया। न्यायालय ने पति विजय कुमार, जेठ दयाशंकर, जेठानी उमिला देवी को 304 बी में दोष सिद्घ पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं ससुर किशोरी व सास निर्मला देवी वृद्घ होने पर उन्हें सात सात वर्ष की सजा सुनाई।