हलिया। विकास खंड हलिया के सोठिया के ग्राम प्रधान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी होने पर घाट से शव को कब्जे में लेने पहुंची पुलिस को परिवार के लोगों ने दोक दिया। परिवारीजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे लोग कोई कार्रवाई की नहीं चाहते है तो पुलिस उन्हें परेशान क्यों कर रही है। ग्रामीणों का आक्रोश देख पुलिस वहां से बगैर शव लिए लौट गई। बता दें कि सोठिया ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने सोमवार की रात अपने घर से 100 मीटर दूर अपने पक्के बैठका में पंखे में फंदे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। देर रात जब खाना के लिए घर वाले उन्हें बुलाने गए तो अंदर से कमरा बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो देखा कि प्रधान फांसी के फंदे पर लटके हुए हैं। परिजनों ने उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना का कारण गृहकलह बताया जा रहा है। प्रधान के दो बेटे तथा एक बेटी हैं, जो अविवाहित हैं। बड़ा बेटा प्रशांत सिंह पंजाब में बीटेक कर रहा है जबकि बेटी मुनि अगस्त बालिका विद्यालय हलिया में कक्षा 10 की छात्रा है। मामले की जानकारी मिलने पर पहुुंची हलिया पुलिस ने परिजनों की मांग पर शव उन्हें सौंप दिया था। मंगलवार को सुबह परिजन दाह संस्कार के लिए अदवा नदी के किनारे घाट पर पहुंचे थे। करीब दो घंटे बाद सीओ लालगंज प्रमोद कुमार वहां पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। सीओ के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम और थानाध्यक्ष हलिया छोटक यादव भी थे। इस पर आक्रोश जताते हुए प्रधान के पिता मोहन सिंह ने कहा कि जब वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते तो पुलिस उनको क्यों परेशान कर रही है। परिवार के लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस मान गई।