जिगना। थाना क्षेत्र के ग्राम बजटा के चकिया निवासी अपहृत श्रीकांत बिंद (32) शुक्रवार देर शाम भले ही अपने घर पहुंच गया और उसे देखकर परिवार के लोग खुश हो गए हों लेकिन श्रीकांत सहमा सहमा है। बदमाशों ने उसे छोड़ने से पहले कहा था कि 24 दिसंबर तक उसने 25 किलो सोना उसे नहीं दिया तो उसकी गोली मार कर हत्या कर देंगे। बदमाशों की धमकी से श्रीकांत डरा हुआ है।
चकिया निवासी श्रीकांत के अनुसार बदमाश उसे पकड़ने के बाद पाली ले गए जहां से उसे कार में बैठाया गया। इसमें तीन लोग पहले से मौजूद थे। एक बदमाश और आ गया। भारतगंज तथा मांडारोड होते हुए एक सुनसान पुलिया पर ले गए और 25 किलो सोना दिलवाने को कहलवाया। वहां मारपीट कर उसकी आंख में पट्टी बांध दी और कपड़ा ठूंस दिया। गाड़ी लगभग तीन घंटा चलने के बाद एक स्थान पर पहुंची। जहां उसे गाड़ी से नीचे उतारकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। सोना की जगह लोहा व कागज आदि बैग में होने पर लौट कर जाने के बाद काफी मारा पीटा व सिगरेट से शरीर को जलाया। बताया कि काफी अनुनय विनय के बाद 10 दिन का मोहलत सोना दिलवाने के लिए देकर व ना मिलने पर गोली मारने की धमकी भी दी। उसका यह भी कहना है कि उसे अनजान जगह पर एक मकान में रखा था। इसके बगल में इंग्लिश मीडियम स्कूल है। गुरुवार शाम गौरीशंकर बाबा होटल से लगभग एक किमी पश्चिम कच्ची सड़क पर छोड़ दिया तो एक दुकानदार से अपने साले के नंबर पर फोन करवाया। पुलिस व परिजन जाकर जिगना लाए। श्रीकांत ने यह भी कहा कि बदमाश उसका मोबाइल भी छीन ले गए। वे घर पर बात नहीं कराते थे। उसकी बात को टेप करके उसी के माध्यम से मैसेज करते थे। बहरहाल श्रीकांत मुक्त होने के बाद भी सहमा हुआ है। पुलिस बदमाशों की तलाश में है। लेकिन अभी तक उन्हें पकड़ने में पुलिस केे सफलता नहीं मिली है।
चर्चा मेें पुलिस की कार्य शैली
श्रीकांत मामले में पुलिस की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस छह दिन में भी श्रीकांत को बरामद नहीं कर पाई थी। ना ही बदमाश जिस नंबर से श्रीकांत के परिवार के लोगों से संपर्क में थे, उसे ट्रेस कर सकी। यह तब हुआ जब पुलिस के पास अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं जिसके माध्यम से वह किसी के भी नंबर को सर्विलांस पर लगाकर ट्रेस कर सकती है। पुलिस के राज में बदमाशों की दबंगई का आलम देखिए कि उन्होंने दस दिन में सोना ना मिलने पर गोली मारने तक की धमकी दे दी। पुलिस अब भी इस संबंध में कुछ नहीं बता रही है। ना ही कोई कार्रवाई कर रही है। पहली बार श्रीकांत को छुड़ाने के लिए की गई पुलिस की कार्रवाई भी पूरी तरह संदेह के घेरे मेें रही। दो तीन बदमाश किस तरह पुलिस पर गोली चलाते हुए भाग निकले, यह बात किसी के गले से नीचे नहीं उतर रही। इस दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, या पुलिस इस परिस्थिति के लिए तैयार होकर क्यों नहीं गई। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दस दिन में 25 किलो सोना नहीं दिया तो मार देंगे गोली