मिर्जापुर। एनआरएचएम स्वास्थ्य योजना में करोड़ों रुपये के घेटाला की जांच करने शुक्रवार को जिले में धमकी सीबीआई ने दूसरे दिन भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक और बाबुओं से पूछताछ करती रही। सीबीआई की मौजूदगी से मंडलीय अस्पताल कर्मियों व सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
गुरुवार को लखनऊ की सीबीआई टीम प्रदीप कुमार के नेतृत्व में सीएमओ कार्यालय एनाआरएचएम घोटाले की जांच करने पहुंची थी। गुरुवार को टीम ने दो बाबूओं एवं एक फार्मासिस्ट से करीब तीन घंटे तक पूछताछ किया था। इसमें एक सीएमओ कार्यालय का बाबू तथा एक मंडलीय चिकित्सालय का बाबू बताया जा रहा है। घंटों चली पूछताछ के बाद जब टीम विभाग से निकली तो कर्मचारी पूछताछ में शामिल बाबूओं जानकारी लेने के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने पूछा कि टीम उनसे क्या क्या पूछताछ कर रही है। किसका किसका नाम ले रही है। शुक्रवार को एक बार फिर टीम स्वास्थ विभाग पहुंची और बाबुओं को बुलाकर पूछताछ की। घंटो चले पूछताछ के बार घोटाले से संबंधित कई अहम बयान लिए गए। विभागीय कर्मचारियों की माने को एनआरएचएम घोटाले की जांच से पूर्व सीबीआई ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर जिले में आने की जानकारी दी थी। बताया था कि जो भी लिपिक, कर्मचारी व बाबू छुट्टी पर गए हो उन्हें बुुला लिया जाय। जिससे कि सभी से पूछताछ कर बयान लिया जा सके। सीएमओ डा. उमेश यादव ने जैसे ही सीबीआई के आने कि सूचना देकर सभी को उपस्थित रहने को कहा तो सभी की सांसे थम गई। कर्मचारी एक दूसरे से कानाफूंसी करने लगे।