अहरौरा। आस्कर पुरस्कार विजेता डाक्यूमेंट्री फिल्म स्माइल पिंकी की मुख्य किरदार पिंकी भी साइबर क्राइम की शिकार हो गई। तीन माह पूर्व केबीसी में लाटरी निकलने के नाम पर 16 हजार की ठगी हुई थी। ठगे जाने के बाद स्माइल पिंकी अपने पिता व भाई के साथ तीन माह से बैंक का चक्कर लगा रही है, पर अब तक उसका पैसा वापस नहीं मिला।
फ़रवरी माह में पिंकी के मोबाइल पर किसी अंजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने केबीसी में 25 लाख रुपये की लाटरी लगने की जानकारी उसे दी। विश्वास जताने के लिए जालसाज ने पिंकी के ह्रवाट्स ऐप पर उसके नाम की फर्जी लाटरी भेजी। जिसमें उसे विजेता घोषित किया गया था। इसके बाद जालसाज ने उसे 25 लाख की धनराशि प्राप्त करने के लिए 16 हजार रुपये का प्राइज मनी टैक्स उसके एकाउंट में जमा करने की बात कही। पिंकी ने इलाहाबाद बैंक के खाते से 16 हजार रुपया खाते में ट्रांसफर कर दिया। पैसा ट्रांसफर करने बाद जब उसे शक हुआ तो उसने इसकी शिकायत बैंक मैनेजर से की। बैंक मैनेजर ने उसके बताने पर संबंधित खाते की जांच की तो वह तमिलनाडु के अरनाकुनम स्थित इलाहाबाद बैंक का बचत खाता निकला। जो अखिल अजित कुमार के नाम से था। बैंक मैनेजर शक्ति कुमार ने बताया कि वहां के मैनेजर से बात कर उस खाते को बंद करा दिया। जिससे लेन-देन न हो सके। इसके बाद से पिंकी अपने पैसे के लिए बैंक का चक्कर लगा रही है। शुक्रवार को पिंकी अपने पिता राजेन्द्र प्रसाद और भाई के साथ इलाहाबाद बैंक के शाखा में पहुंची। जहां उसे फिर मायूसी हाथ लगी। तीन माह बाद भी उसे उसका पैसा न मिलने से उसके चेहरे की मुस्कान गायब हो गई है। सीओ मड़िहान रमाकांत ने बताया कि मामले में कोई तहरीर थाने पर नहीं आई है। तहरीर मिलने पर पुलिस साइबर क्राइम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी।