मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने जानलेवा हमला करने के तीन आरोपियों का दोषसिद्घ होने पर शनिवार को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये के जुर्माना भरना होगा।
अभियोजन अनुसार जिगना थाना क्षेत्र के बौता गांव निवासी एवं वादी मुकदमा शिव प्रकाश पुत्र रामपाल ने 22 मई 2009 को पुलिस अधीक्षक को लिखित तहरीर दी। इस आशय का मुकदमा दर्ज कराया कि वह अपने खेत में पक्का निर्माण करा रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर गांव के शंकर बिंद के दो पुत्र त्रिलोकी नाथ व बह्म प्रसाद तथा बहा प्रसाद के लड़के अशोक कुमार व अनिल कुमार एक राय होकर लाठी, डंडा, गड़ासा तथा कटवासा से लैस होकर चढ़ आए और मारने पीटने लगा। जान बचाने के लिए अपने घर के अंदर घुस गया तो आरोपियों ने घर में भी घुस कर गंभीर रूप से मारा पीटा। जिससे वादी सहित उसके परिवार के मगरा देवी, मंजू देवी तथा श्रीप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तहरीर पर पुलिस ने प्राणघातक हमला सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता गुप्ता ने सात गवाह प्रस्तुत कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने त्रिलोकीनाथ, अशोक कुमार तथा अनिल कुमार को हमले का दोषी पाया। वहीं एक आरोपी बह्मप्रसाद की मुकदमे के दौरान मौत होने पर उसके मुकदमे को समाप्त कर दिया गया। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को सात वर्ष की कड़ी कैद तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। न्यायालय ने अर्थदंड की धनराशि से 50 हजार रुपया आहत मंगरा देवी को तथा पांच पांच हजार रुपया वादी मुकदमा सहित श्रीप्रकाश व मंजू देवी को देने का आदेश दिया।