मिर्जापुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम प्रताप सिंह राणा ने जमीन पर अवैध कब्जा कराने के आरोप में तत्कालीन एसडीएम सदर एवं कटरा कोतवाल तथा भाजपा नेता के भाई समेत 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने नौ जून को पुलिस अधीक्षक को मुकदमा दर्ज कर किसी वरिष्ठ अधिकारी से विवेचना कराने को कहा है। साथ ही 15 जून तक इसकी आख्या मांगी है।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के सबरी मोहल्ला बाबा की मड़ई इलाका निवासिनी चमेला देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रकीर्ण वाद दाखिल किया था। उसका कहना था कि उसकी उम्र 80 वर्ष है और उसके नाम से विभिन्न नंबरों की उसकी कुल एक बीघा 12 बिस्वा जमीन है। जमीन उसे अपने अजिया ससुर से मिली है और उस पर उसका कब्जा भी है। इस भूमि पर विवाद होने के कारण उपजिलाधिकारी सदर की न्यायालय में बुधराम बनाम पारस नाथ के नाम से मुकदमा विचाराधीन है। विपक्षियों के अनुपस्थित होने के कारण सात अप्रैल 2017 को उसने प्रकाशन के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। मगर भाजपा नेता के भाई श्याम बहादुर सिंह निवासी डंगहर ने सत्ता का दबाव बना कर एसडीएम सदर राजेंद्र पैसिंया, कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्तव, जगदीश सिंह के दो पुत्र सुनील सिंह और डब्बू सिंह तथा सात आठ अज्ञात पुलिस के सहयोग से इस जमीन पर कब्जा कर लिया। अब उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। कोर्ट ने इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए एसडीएम राजेंद्र पैंसिया, कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्तव, भाजपा नेता के भाई श्याम बहादुर सिंह, सुनील व डब्बू निवासी पैरिया टोला आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।