मिर्जापुर। जिला कारागार में निरुद्ध महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास योजना के तहत जिले में बुधवार को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू कर दिया गया। तीन महीने तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कैंप में महिला बंदियों को सिलाई कढ़ाई तथा बुनाई करने की विधि सिखाया जाएगा, ताकि वह इस प्रकार का कार्य आने पर उसे करके कुछ कमाई कर सकें।
बता दें कि बाल संरक्षण अधिकारी महिला कल्याण विभाग एवं देवकी सेवा समिति के सहयोग से बुधवार को जिला कारागार में निरुद्घ चल रही मिर्जापुर एवं सोनभद्र की 25 महिला बंदियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया गया है। इसमें आजीवन कारावास तथा किसी आरोप में बंद चल रही अन्य बंदी शामिल हैं। जेल अधीक्षक अनिल राय ने बताया कि महिलाओं को प्रशिक्षण देने के पीछे उनको आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि जीवन में कभी जरूरत पड़ने पर वह अपने पैरों पर खुद खड़ी होकर अपना परिवार को चला सकें। वहीं आजीवन कारावास की सजा पाने पर जेल में ही वर्दी सिलने, बुनाई करने आदि का कार्य आने पर उसको करके पैसा कमा सकें। विकांत सिंह, संध्या, नीलम पांडेय, नगीना सिंह, प्रियंका तिवारी, अप्रिता गुप्ता, प्रीति सिंह, आशा ज्योति केंद्र आदि ने प्रशिक्षण के विषय में महिला बंदियों को जानकारी दी। प्रशिक्षक अर्पिता को प्रशिक्षण देने के लिए चयनिय किया गया है। जो प्रतिदिन दो से तीन घंटे बंदियों को प्रशिक्षण देंगी। इस मौके पर जेल अधीक्षक अनिल राय, जेलर डा. एसबी सिंह, डिप्टी जेलर आनंद जायसवाल आदि मौजूद रहे।