कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ईंट भट्ठा मजदूर
मिर्जापुर। अदलहाट क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरोें ने मुख्यमंत्री के पोर्टल के अलावा डीएम से शिकायत कर ईंट भट्ठा मालिक पर आठ महीने तक काम लेने के बाद भी मजदूरी नहीं देने और पैसे मांगने पर उन्हें दूसरे भट्ठे पर बेचने का आरोप लगाया है।
जमालुपर क्षेत्र के मनई गांव निवासी शीला देवी पत्नी बाबू लाल ने बताया कि आठ माह पहले अदलहाट क्षेत्र के बरेव स्थित एक ईंट भट्ठे पर मेट का काम करने वाले गांव के एक व्यक्ति ने पांच सौ रुपये दैनिक के हिसाब से काम दिलाने की बात कर उसे परिवार के आठ सदस्यों मजदूरी करने के लिए बरेव स्थित ईट भट्ठे पर ले गया। बीच-बीच में खर्च के रूप में ईंट भट्ठा मालिक ने कभी एक हजार तो कभी दो हजार रुपये दिया और कहा कि बाकी पैसा एक साथ ही जरूरत पड़ने पर दे देंगे। आठ माह बाद घर में शादी के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो भट्ठा मालिक और मेट ने पैसे देने में आनाकानी की। पैसा तो नहीं दिया लेकिन सभी को दूसरे भट्ठे पर कार्य करने के लिए भेज दिया। वहां भी दो माह तक काम करने के बावजूद एक पैैसा नहीं दिया गया। श्रमिकों ने कहा कि हम सब से सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर दूसरे ईंट भट्ठे पर बेच दिया गया। थाने पर शिकायत करने के बाद दरोगा ने कार्रवाई करने की बजाय सुलहनामा बनवाकर अंगूठे का निशान ले लिया जिसमें हमारे बकाए धन का जिक्र तक नहीं है। श्रमिकों ने मेट पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में बाबूलाल, छुल कुमार, रामबाबू, लेखा पत्नी रामबाबू, बबलू, इमिलल्ली, प्रीती शामिल हैं।