सिरसी बांध में हो रहा पीचिंग कार्य।- संवाद।
पटेहरा। सिरसी बांध में पीचिंग कार्य के दौरान गरजते पोकलेन से सिरसी बांध को खतरा पैदा हो गया है। बावजूद इसके निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। पत्थर भी वन विभाग का बताया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। पंकज यादव, मनोज कुमार, आकाश, रमेश, दिनेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि सिरसी बांध के कई फाटकों में पहले से ही दरार होने के बाद भी विभाग के द्वारा फाटक के दूसरी तरफ पोकलेन लगाकर पत्थर निकाले जा रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के जेई अरविंद चौहान को फोन कर पत्थर तोड़ने पर आपत्ति जताई तो अवर अभियंता ने वन विभाग का पत्थर बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सिरसी रेंजर गिरिराज को फोन कर अवैध बोल्डर निकालने की जानकारी दी। सूचना पर पर पहुंचे रेंजर को देखते ही बोल्डर लोड कर रहे ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर सहित मौके से फरार हो गए। रेंजर ने मामले से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। रेंजर गिरिराज ने बताया कि फाटक से 200 मीटर दूर वन विभाग की भूमि पड़ती है। 200 मीटर तक सिंचाई विभाग की जमीनें है। बांध मरम्मत का काम चल रहा है। पत्थर सरकारी दर पर तोड़ा रहा है। बात फाटकों में दरार होने की तो 16 में से पांच फाटकों का मरम्मत किया जा चुका है। शेष 11 फाटकों का मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। अरविंद चौहान, अवर अभियंता सिरसी बांध प्रखंड