मिर्जापुर। नगर पालिका मिर्जापुर में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण का काम पूरा हो गया है। शास्त्री सेतु के पास अमृत योजना के तहत बने इनटेक वेल ने कार्य शुरू कर दिया है। शनिवार की रात शास्त्री सेतु के पास बने संयंत्र से गंगा से पानी लिफ्ट कर लालडिग्गी स्थित जल शोधन संयंत्र तक पहुंचा दिया। अब नगर पालिका क्षेत्र के सभी घरों तक कनेक्शन कर जलापूर्ति शीघ्र ही शुरू की जाएगी। वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए लगभग 29000 घरों में कनेक्शन है। इन सभी घरों का कनेक्शन नई पाइप लाइन से किया जाएगा। उसके बाद लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
हालांकि जब तक घरों तक कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक पुरानी पाइप लाइन को नए संयंत्र से जोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि गर्मी में नागरिकों को पानी की समस्या न होने पाए। नगर पालिका मिर्जापुर के जलकल के अभियंता सुधीर कुमार वर्मा का कहना है कि लालडिग्गी वाले संयंत्र का काम पूरा हो चुका है। इस संयंत्र में पानी भी पहुंच चुका है।
इसके बाद पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मुख्य संयंत्र मेंं मोटर का कनेक्शन हो गया है। पानी सफलता पूर्वक गंगा से लिफ्ट कर लालडिग्गी स्थित जल शोधन संयंत्र तक पहुंचा दिया गया है।
नगर पालिका मिर्जापुर के 38 वार्डों में इस समय पेयजल की वास्तविक मांग लगभग 38 एमएलडी है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए अमृत योजना के तहत शास्त्री सेतु के पास इनटेक वेल बनाया गया है। इसके चार पंप गंगा से जल लेकर उसे जल शोधन संयंत्र में शुद्धीकरण के लिए भेजेंगे। वहां से शोधित जल को लालडिग्गी स्थित 60 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र में भेजा जाएगा। वहां से अमृत योजना के तहत बने पांच पांच ओवरहेड टैंक के जरिए नगर की लगभग ढाई लाख आबादी को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इनटेक वेल के संयंत्र से लालडिग्गी के संयंत्र को पाइप लाइन के जरिए जोड़ा भी जा चुका है। साथ ही इस संयंत्र को पूरे नगर में बिछाई गई पाइप लाइन से भी जोड़ दिया गया है। नगर पालिका मिर्जापुर क्षेत्र के 38 वार्डों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। नागरिकों से मिलकर सर्वे करने वाले कनेक्शन के बारे में पूरी जानकारी ले रहे हैं और उनसे यह भी पूछ रहे हैं कि उनकी पेयजल संबंधी क्या आवश्यकता है। प्रथम चरण का कार्य पूरा होने से अधिकारी काफी खुश हैं। जिलाधिकारी ने कुछ दिनों पूर्व ही जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण उसे शनिवार तक चालू करने का निर्देश दिया था।
नगर पालिका मिर्जापुर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए अमृत योजना के तहत 193 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत है। इसके तहत 210 किमी जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाने के लिए पांच ओवरहेड टैंक बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इनमें 1350 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक विंध्याचल में बनाया गया है। इसके अलावा आवास विकास कालोनी में 2250 किलोलीटर, जान्हवी होटल के पास 2100 किलोलीटर, घुरहूपट्टी में 1100 किलोलीटर तथा मंडी परिषद परिसर में 1350 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं।