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Mirzapur News: शहर में कहर बनकर बरसे मेघ, सड़कों और गलियों में भरा पानी

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मिर्जापुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश शहर क्षेत्र में समस्या गंभीर हो गई। नगर में सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढों के कारण हर तरफ कीचड़ और जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाल ही में बनीं सड़कें पहली बारिश भी नहीं झेल पाईं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मार्ग कीचड़ से सन गए। धान की अगैती फसल के लिए भी यह पानी नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसी प्रकार ज्वार व बाजरा आदि की फसलों को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है। जर्जर भवनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सक्तेशगढ़ में एक जर्जर मकान गिर गया।
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बीते सोमवार से रह-रहकर हो रही बारिश से पूरे नगर में जगह-जगह जलभराव हो गया। सिविल लाइन, रामबाग, पुतलीघर, लालडिग्गी, रमईपट्टी, ब्रह्मचारी का कुआं, तहसील चौराहा, संगमोहाल सहित नगर के अन्य इलाकों में जल भराव, कीचड़ से सड़कें सनी नजर आईं। सीवर लाइन बिछाने के लिए हुई खोदाई के चलते बारिश में समस्या बढ़ गई। लोगों को वाहनों से तो दूर पैदल चल पाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिटी क्लब परिसर तालाब में तब्दील हो गया । इसी प्रकार जाह्नवी होटल से लेकर विंध्याचल मार्ग भी जगह-जगह जलभराव हो गया है। गड्ढायुक्त सड़कों पर हुए जलभराव व जगह-जगह कीचड़ से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रमईपट्टी-संकट मोचन मार्ग पर तिराहे के पास गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से बीचोबीच सड़क खोद कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। इसी तरह रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्का पोखरा तक सड़क की दशा खराब है। उबड़-खाबड़ व कीचड़ भरे राहों पर लोगों को पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया। सबरी चुंगी-नटवा मार्ग, घुरहूपट्टी-जोगियाबारी मार्ग, पक्का पोखरा स्थित शंकर जी मंदिर से अर्जुनपुर मार्ग बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। अपमें सड़क निर्माण का काम भी चल रहा है। बारिश के दौरान भी ठेकेदारों ने सड़क बनाना जारी रखा। पर पहली बारिश ने निर्माण कार्य की कलई खोल दी। सड़कें उखड़ गईं या फिर उनकी गिट्टियां निकल रही हैं। शास्त्री पुल - लोहिया तालाब मार्ग का हाल कुछ ऐसा ही दिखा। इसी प्रकार रमईपट्टी रामबाग सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोग चर्चा करते देखे गए।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बारिश समस्या लेकर आई। जिगना, कछवां, लालगंज, हलिया, ड्रमंडगंज, राजगढ़, जमालपुर, शेरवां, अदलहाट आदि क्षेत्रों में कच्चे व क्षतिग्रस्त मार्गों पर जलभराव के चलते आवागमन प्रभावित रहा। खेतों में पानी भर जाने की वजह से जहरीले जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि तालाबों और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद जलाशयों में पानी की मात्रा बढ़ गई है। इसी प्रकार झरनों में भी जान नजर आई।
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उधर बारिश का असर फसलों पर भी देखा जा रहा है। धान की अगैती खेती के लिए यह नुकसानदायक साबित हो रहा है। वहीं पिछैती खेती के लिए यह बारिश अमृत बनकर आई है। वहीं दूसरी ओर ज्वार, बाजरा, अरहर, सरसों, अलसी इत्यादि फसलों को भी बारिश से नुकसान हुआ है। जिले में बड़े पैमाने पर होने वाली सब्जी की खेती भी बारिश से प्रभावित हुई है।
उधर राजगढ़ क्षेत्र में लगातार दो दिन से हो रही भारी बारिश लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। कहीं जलभराव हो गया है तो कुछ जगह भारी बारिश कच्चे मकानों पर आफत बनकर टूट रही है। नदिहार गांव में श्यामू पुत्र रामबली अपने कच्चे मकान में रहते हैं। मंगलवार सुबह को कच्चा मकान अचानक बारिश के कारण गिर गया। गनीमत थी कि उस दौरान श्यामू परिजनों सहित घर से बाहर थे। श्यामू के दो कच्चे कमरे थे, लेकिन ज्यादा बारिश के कारण एक कमरा गिर गया। इसी के बराबर में बने दूसरे कच्चे कमरे में भी पानी भर गया। पानी भर जाने के कारण दरार आ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि श्यामू की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। फोन के माध्यम से क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी गई है।
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