खजुरी नदी में गिर रहा पक्कापोखरा एसटीपी का पानी।- संवाद।
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। गंगा को निर्मल बनाने के सरकारी प्रयासों के बीच 91 लाख रुपये खर्च करके सफाई कराने के बाद भी मिर्जापुर की खजुरी नदी दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। पक्कापोखरा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से छोड़े जा रहे शोधित पानी के कारण नदी से उठ रही तेज बदबू ने तटवर्ती गांवों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी अब नहाने योग्य तो दूर पशु-पक्षियों के भी इस्तेमाल के लायक नहीं है। लोवर खजुरी वियर से निकलने वाली 15 किलोमीटर लंबी खजुरी नदी बरकछाकला, बर्जीमुकुंदपुर, शाहरपुर चौसा, रायपुरपोख्ता, कतरन, भेंवरकरमनपुर, दुल्हपुर, देवापुर पचवल, चेरुईराम, ककराही, दुबेपुर तक ठीक है, लेकिन जैसे ही खजुरी-महेवां मार्ग स्थित पुल के समीप एसटीपी का पानी नदी में गिरता है वहीं से यह यह प्रदूषित हो जाती है। इंदीपर्वतपुर, बीरशाहपुर, बेदौली, जौसरा बढ़ौली और रामचंदरपुर होते हुए भटौली के पास यह गंगा में मिल जाती है। एसटीपी से निकल रहा छह एमएलडी शोधित पानी नदी में गिरने से यहां दुर्गंध आती है। हालत यह हो जाती है कि राहगीरों को नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ रहा है, जबकि नदी किनारे बसे ग्रामीणों में आक्रोश है।