अस्पताल में मौजूद नगर विधायक व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
मंडलीय अस्पताल में मरीज को रेफर किए जाने की शिकायत मिलने पर रविवार की रात पहुंचे नगर विधायक अस्पताल के डॉक्टरों पर भड़क गए। उन्होंने डॉक्टर पर फोन पर बात ना करने व रेफर किए जाने का आरोप लगाते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को फोन लगा दिया। इसके बाद मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल पहुंचकर मरीज को आईसीयू में भर्ती कराये। डॉक्टरों का कहना था कि नेटवर्क के कारण बात नहीं हो सकी। मरीज का उपचार किया जा रहा था।
नगर के संकट मोचन निवासी गुलाबचंद जायसवाल (70) को सांस की बीमारी थी। परिजन उनको रविवार की शाम को मंडलीय अस्पताल लेकर आए थे। इमरजेंसी में उनका उपचार चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर उनको रेफर कर रहे थे जबकि वह अस्पताल में इलाज कराना चाहते थे। मरीज के परिजनों ने नगर विधायक रत्नाकर मिश्र को फोन लगा दिया। विधायक ने डॉक्टर को फोन पर बात करने की कोशिश की पर बात नहीं हो पाई। इस पर नगर विधायक अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने फोन पर बात नहीं की। सख्त लहजे में कहा कि आदत सुधार लीजिए, मरीज के जान से खिलवाड़ मत करिए। सीएम योगी का आदेश है कि सभी मरीजों का बेहतर उपचार किया जाए।
इसके बाद नगर विधायक ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को भी फोन लगा दिया। डिप्टी सीएम की फार्मासिस्ट से बात कराई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आरबी कमल व अन्य डॉक्टर मौके पर पहुंचे। मरीज को आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया।
मरीज के भर्ती होने के बाद नगर विधायक का सुर बदल गया। उन्होंने बताया कि नेटवर्क के कारण बात नहीं हो सकी। अस्पताल में बेहतर व्यवस्था है। बेड फुल है, पर सीएम के आदेश के अनुसार मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल ने कहा कि इमरजेंसी में भीड़ थी। सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा था। मरीज को सांस की बीमारी थी। उसको बताया गया कि यहां पर वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इसके बाद नगर विधायक ने फोन किया। डॉक्टर से नेटवर्क के कारण बात नहीं हो पाई। मरीज को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।