चुनार। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित चुनार महोत्सव का शुक्रवार को देर शाम रंगारंग कार्यक्रम से आगाज किया गया। महोत्सव के लिए दुर्ग में स्थित सोनवा मंडप को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंडप के साथ ही डाक बंगले के प्रवेश द्वार और उधर जाने वाले रास्ते को भी भव्य रूप से सजाया गया था।
इसके अलावा दुर्ग के पूर्वी व पश्चिमी द्वार, भतृहरि नाथ की समाधि स्थल व अन्य हिस्सों को भी लाइट एवं रंग-बिरंगे झालरों से सजाया गया था। इसके पूर्व तीन दिवसीय चुनार महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार की शाम चुनार विधायक अनुराग सिंह, मडि़हान विधायक रमाशंकर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया एवं जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बालूघाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर और मां विंध्यवासिनी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
उधर, तीन दिवसीय चुनार महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से आई मधुमिता भट्टाचार्या के गणेश वंदना से हुआ। तत्पश्चात सुरभि शोध संस्थान के वनवासी छात्रावास में रहकर अध्यन करने वाले मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, असाेम, ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश की छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य और सोनभद्र के आदिवासी कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर लिया। इनके अलावा सौरभ गौरव ने कथक नृत्य व शुभम की टीम ने शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति की। इस दौरान अपर मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी बीएस, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ला, एसएलओ नीरज प्रसाद पटेल, एसडीएम चुनार नवनीत सेहारा, सहायक पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
उधर, दुर्ग के नीचे पीएसी परेड ग्राउंड पर बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। साथ ही स्थानीय उत्पादों के स्टाल भी लगाए गए हैं। इनमें मूर्ति, चुनार निर्मित बिस्कुट, अहरौरा के लकड़ी के खिलौनों के स्टाल प्रमुख रूप से शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में लेजर साउंड शो के माध्यम से चुनार दुर्ग के ऐतिहासिक, पौराणिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी गई।