मिर्जापुर। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान शुभ मुहूर्त में जिला महिला अस्पताल में सोमवार को जन्म लेने वाले बच्चों के परिजनों में खुशी दिखी। जन्म लेने के बाद कई लोगों ने अपने बच्चे का नाम भी भगवान के नाम पर रखा। पुत्र होने पर राम, राघव और पुत्री होने पर सीता और जानकी नाम रखे गए।
सोमवार को शाम करीब छह बजे तक जिला महिला अस्पताल में 13 बच्चाें का जन्म हो गया था। इनमें से आठ नार्मल और पांच बच्चे ऑपरेशन से पैदा हुए। जिला महिला अस्पताल में 22 जनवरी को पहला बच्चा भोर में तीन बजे के करीब पैदा हुआ। बरकछा खुर्द निवासी लक्ष्मन की पत्नी अंजलि ने पुत्री का जन्म दिया। उन्होंने बताया कि वे अपनी पुत्री का नाम सीता अथवा जानकी रखेंगी। इसके बाद भोर मेंतीन बजकर 20 मिनट पर लालगंज के बरडीहा निवासी अमित मिश्रा की पत्नी प्रीती ने पुत्र को जन्म दिया। परिजनों ने बच्चे का नाम राम अथवा राघव रखने की बात कही। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शुक्लहा निवासी बाबुल सोनकर की पत्नी पुतुल ने पुत्र को जन्म दिया। ऑटो चालक बाबुल ने बताया कि पहले से एक पुत्र है। जिसका नाम स्वागत है। दूसरे पुत्र का जन्म रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के शुभ मुहूर्त के दौरान हुआ है। उनके लिए यह खुशी का पल है। बच्चे का नाम राम ही रखा जाएगा। इसके अलावा प्रीती पत्नी कृष्णा ने सुबह चार बजकर 24 मिनट पर पुत्री, मंजू पत्नी रविंशकर ने सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर पुत्री को जन्म दिया। इन सभी को नार्मल डिलिवरी हुई। लालगंज बाजार निवासी अंशु मिश्रा पत्नी सचिन ने 11 बजकर 55 मिनट पर ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया। दादी रुक्मिणी और चाची निराशा ने कहा कि शुभ दिन पर जन्मे पुत्र का नाम राम रखा जाएगा। ऑपरेशन से संध्या पत्नी धीरज ने पुत्र को जन्म दिया। पिता धीरज ने कहा कि बच्चे का नाम राघव रखेंगे। ऑपरेशन से देहात कोतवाली के सरैया निवासी अनिता मिश्रा पत्नी राहुल मिश्रा ने पुत्री को जन्म दिया। परिजनों ने पुत्री का नाम जानकी अथवा राधिका रखेंगे। जिला महिला अस्पताल की प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डाॅ. जूही देशपांडे ने कहा कि रात 12 बजे से शाम छह बजे तक आठ पुत्र औ पांच पुत्रियों ने जन्म लिया। इनमें से पांच बच्चों का ऑपरेशन से जन्म हुआ।