कैमूर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के सगरा कंपार्टमेंट नंबर दो में बाणसागर नहर खोदाई के दौरान निकले पत्थर से बिना किसी अनुमति के पीचिंग के कार्य कराए जा रहे हैं। इस पर वनक्षेत्राधिकारी हलिया ने अधिशासी अभियंता बाणसागर नहर निर्माण खंड पांच व ठेकेदार के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम व वन्यजीव संरक्षण की धाराओं में केस दर्ज कराया है। मामले की जांच की जा रही है।
बाणसागर नहर निर्माण खंड पांच के अधिकारियों व ठेकेदार के द्वारा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में वन विभाग की सुपुर्दगी में रखे पत्थर को वन विभाग से बिना किसी अनुमति के नहर की पटरी पर साढ़े छह मीटर चौड़ा, 40 मीटर लंबा और 27 मीटर मोटा पत्थर पीचिंग कार्य करा दिया गया है। शिकायत मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर वन्यजीव प्रभाग तापस मिहिर व वन्यजीव प्रतिपालक चुर्क अरविंद कुमार ने मौके पर पहुंच कर बाणसागर नहर की पटरी पर पत्थर से हुए पीचिंग कार्य को देखा।
प्रभागीय वनाधिकारी ने तत्काल वन क्षेत्राधिकारी हलिया को चार्ट सीट जारी किया। वन क्षेत्राधिकारी ने बाणसागर नहर निर्माण खंड पांच के अधिशासी अभियंता व ठेकेदार के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम व भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया और मामले की जांच में जुट गए। इस संबंध में वनक्षेत्राधिकारी हलिया अवध नारायण मिश्र ने बताया कि बाणसागर नहर की खोदाई के दौरान निकले पत्थर से बाणसागर नहर विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के द्वारा बिना वन विभाग के किसी अनुमति के नहर के पटरी का पत्थरों से पीचिंग का कार्य कराया गया है। बाणसागर निर्माण खंड-5 के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार यादव का कहना है कि इस तरह की उन्हे कोई जानकारी नहीं है।