जिगना। बेलन नहर प्रखंड की मांडा राजवाहा का तटबंध टूटने से पचासों बीघा फसल जलमग्न हो गयी। लहलहाती फसल बर्बाद होते देख किसानों में आक्रोश व्याप्त है। दिसंबर माह में पोकलेन मशीन से नहर की तली सफाई व तटबंध मरम्मत कराया गया था। दो माह में ही नहर का तटबंध टूट जाने से कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। महोखर गांव के प्रभावित किसान भाईलाल, बुद्धिराम, तेरस, रमेश, दिलीप, राजेश, शंभूनाथ व अजय आदि किसानों ने बताया कि नहर में पानी का संचालन बंद नहीं किया गया तो क्षेत्र के अन्य किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी। कार्यदाई संस्था बेलन नहर प्रखंड के अवर अभियंता अमरेश श्रीवास्तव ने बताया कि कमजोर होने के चलते नहर का तटबंध टूट गया। शीघ्र ही इसकी मरम्मत कराई जाएगी। वहीं सहायक अभियंता प्रमोद सरोज ने बताया कि कार्यदाई संस्था ग्राम पंचायत ने विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर नहर की खुदाई कराया था। तटबंध टूटने के लिए ग्राम पंचायत ही जिम्मेदार हैं।