नरायनपुर(मिर्जापुर)। वाराणसी से सटे मिर्जापुर जिले के नरायणपुर में शुक्रवार की शाम जंगल से भटककर एक लगकड़बग्घा घुस आया। गंगा की कछार क्षेत्र में दो कुत्तों की गर्दन दबोचकर मौत के घाट उतारने के बाद उसने सामने खड़े एक व्यक्ति पर हमला कर दिया और घायल कर दिया। जान बचाने का दूसरा कोई रास्ता न दिखने पर व्यक्ति लकड़बग्घे को लेकर गंगा में कूद गया और उसे डुबोकर मार डाला। एक घंटे तक उसे पकड़कर वह लोगों से बचाने की गुहार लगाता रहा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जाल डालकर लकड़बग्घे को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम शाहपुर में दोपहर बाद एक लकड़बग्घा देखा गया। एकजुट होकर ग्रामीणों ने लकड़बग्गे को गांव से बाहर खदेड़ दिया। सूचना देकर स्थानीय पुलिस व वन विभाग को मौके पर बुलाया गया। इस बीच शाहपुर से भागकर लकड़बग्घा पास के रैपुरिया गांव पहुंच गया। खेत में घास काट रहे रैपुरिया गांव निवासी छैबर साहनी उर्फ टनमन (50) पर पीछे से हमला बोल दिया जिससे उनके शरीर में कई जगह गहरे जख्म हो गए। उन्होंने साहस व धैर्य का परिचय देते हुए लकड़बग्घे का जबड़ा पकड़ लिया और उसे लेकर गंगा में कूद पड़ा। गहरे पानी में लेजाकर उसे डूबोकर मार दिया। एक घंटा तक लकड़बग्घे को पानी में डुबोकर चिल्लाते रहे। तब स्थानीय लोगों ने सहयोग करते हुए घायल छैबर साहनी और मृत लकड़बग्घे को बाहर निकाला और व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करा दिया। बाद में ग्रामीणों ने मृत लकड़बग्घे को गंगा में बहा दिया। लकड़बग्गे का वजन 70 किलो से ज्यादा था।
वन विभाग की टीम ने जाल फेंककर लकड़बग्घे का शव गंगा से निकलवाया
डीएफओ अरविंद राज मिश्रा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। देर शाम जाल फेंककर लकड़बग्घे का शव गंगा से बाहर निकाला गया। पशु अस्पताल नरायनपुर में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। डीएफओ ने बताया कि के शव को कब्जे में लेकर नरायनपुर स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया है। वहां पोस्टमार्टम के बाद लकड़बग्घे के शव को दफन करा दिया जाएगा।
अब 17 लकड़ग्घे बचे
- कैमूर वन्य जीव प्रभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सात नर और छह मादा मिलाकर कुल 13 बड़े लकड़बग्घे मौजूद थे। इसके अलावा पांच बच्चे हैं। एक जवान लकड़बग्गे की मौत के बाद अब 12 ही बचे। अब कुल संख्या 17 बची है।