अहरौरा। चुनार तहसील क्षेत्र के हिनौता के लतीफपुर में लोगों करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीद ली और घर भी बनवा लिया। जांच के दौरान यह जमीन नाला और पहाड़ की निकली। राजस्व विभाग की जांच के बाद एसडीएम चुनार ने तकरीबन 34 हेक्टेयर भूमि की खतौनी को सुधारने का आदेश जारी किया है। इससे कटर प्लांट, वाटर पार्क, रेस्टोरेंट और बनाने वालों पर कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। इस आदेश के चलते करोड़ों की संपत्ति खरीद कर घर बनाने वालों को बेदखली की कार्रवाई का डर सता रहा है। इस आदेश के प्रभाव में वाटर पार्क, कई रेस्टोरेंट, कटर प्लांट तथा 130 भू स्वामी की भू संपत्ति का मालिकाना हक परिवर्तित होगा। लतीफपुर गांव के विभिन्न खातों में अंकित तकरीबन 34 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग की जांच में पहाड़ तथा नाले की सुरक्षित भूमि मिली है। जिसे जोत के लिए आवंटित किया गया था। इस भूमि पर सैकड़ों लोगों ने अपना घर बना लिया तथा कुछ लोगों ने परती ही रहने दी। बताया जा रहा है कि बैनामा के जरिए तकरीबन 130 लोगों ने उपरोक्त पहाड़ तथा नाले खाते की भूमि अपने नाम करा ली है। शिकायत पर हुई जांच में मामले का खुलासा हुआ कि पहाड़ तथा नाले की भूमि धड़ल्ले से बैनामा की जा रही है। जिस पर करोड़ों रुपए का प्रॉपर्टी बना लिया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी चुनार चंद्रभानु सिंह ने लगभग 130 लोगों का नाम निरस्त कर पूर्व की भांति नाला और पहाड़ का नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने कहा कि नाला व पहाड़ी पर किसी का भौतिक हक नहीं हो सकता।