सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण तेजी से नहीं हो रहा है। गांव में कोरोना और उसके टीकाकरण को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। सरकार की ओर से ग्रामीणों को इन भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास तो किया जा रहा है इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण अभियान तेजी नहीं पकड़ रहा है। खास तौर पर ग्रामीण महिलाओं में टीके को लेकर जागरूकता नहीं है। इसके चलते, अभी भी गांव में ही कोविड के मरीज अधिक मिल रहे हैं। हाटस्पाट गांव में अधिक है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक संक्रमण गांव में फैला। इसका कारण चुनाव तो रहा ही गांव में कोविड को लेकर लोगों में जागरूकता की भी कमी रही। इस कारण शहर की अपेक्षा चार गुना कोविड केस ग्रामीण क्षेत्र में मिल रहे। टीकाकरण को लेकर गांव के लोगों में तरह-तरह की भ्रांतियां है, जिसके चलते लोग टीका नहीं लगवा रहे हैं। इसमें भी खास तौर से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं टीका नहीं लगवा रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए शुक्रवार केे जिले के सभी 12 ब्लाकों के कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के लिए टीकाकरण कैंप लगाया गया। कैंप में जिला पंचायत सदस्य, प्रधान, बीडीसी और अन्य जनप्रतिनिधियों को टीका लगाया गया। इसके बाद, अब गांव-गांव कैंप लगेगा। जिले में 809 गांव है। हर गांव में कैंप लगाने से पहले प्रधान, कोटेदार, आशा और आंगनबाड़ी ग्रामीणों को टीकाकरण के बारे में जागरूक करेंगी और उनको अगले दिन होने वाले टीकाकरण कैंप में आकर टीका लगाने के बारे में बताएंगी।