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ब्लाॅक दिवस: कहीं जिम्मेदार नदारद तो कुछ जगह नहीं आए फरियादी

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मिर्जापुर। संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस की तर्ज पर जिले में ब्लॉक दिवस का आयोजन जोर नहीं पकड़ पा रहा है। न तो अधिकारी ब्लॉक दिवस के आयोजन में रुचि दिखा रहे हैं और न ही फरियादी ही नजर आ रहे हैं।
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संवाद टीम ने पड़ताल की तो जिला मुख्यालय से सटे सिटी ब्लाॅक में ब्लाॅक दिवस पर कुछ अगल दृश्य देखने को मिला। दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर सभागार में ब्लाॅक में तैनात लिपिक के अलावा न तो अधिकारी दिखे और न ही कोई कर्मचारी ही नजर आया। बीडीओ के बारे में पूछे जाने पर लिपिक ने बताया कि बीडीओ अपने कार्यालय में वर्चुवल बैठक कर रहे हैं। कुछ देर बाद सभागार में ज्वाइंट बीडीओ व एडीओ आईएसबी नजर आए, लेकिन कोई फरियादी नहीं दिखा। जमालपुर में ब्लाॅक दिवस पर मात्र तीन फरियादी आए। उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। भुइली निवासी अशर्फी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, गोगहरा निवासी रोशनी विश्वकर्मा ने परिवार रजिस्टर में नाम संशोधन कराने व बड़भुइली निवासी सहदेई ने कैटल सेट बनवाए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। ब्लाॅक दिवस पर आए फरियादी से पूछे जाने पर बताया कि ब्लाॅक दिवस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि गाम पंचायत अधिकारी भी ऐसे आयोजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं देते। राजगढ ब्लॉक दिवस में खंड विकास अधिकारी रमाकांत फरियादियों के आने का इंतजार करते रहे। दो बजे तक सभागार में एक भी फरियादी नहीं आया। हलिया ब्लाॅक क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के अभाव में ब्लाॅक दिवस का आयोजन जोर नहीं पकड़ पा रहा है। बुधवार को आयोजित ब्लॉक दिवस में निर्धारित समय तक एक भी फरियादी नहीं पहुंचा। जबकि खंड विकास अधिकारी राजीव कुमार शर्मा अपने सहयोगियों के साथ सभागार में फरियादियों के इंतजार में बैठे रहे। कमोवेश यही स्थिति छानबे ब्लाॅक मुख्यालय की रही। खंड विकास अधिकारी हरिओम गुप्ता सभागार में फरियादियों की शिकायत सुनने के लिए बैठे रहे, लेकिन कोई फरियादी नहीं आया।
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