मिर्जापुर। जिले के समस्त विकास खंडों में बुधवार को खंड विकास अधिकारियों की अध्यक्षता में ब्लाक दिवस का आयोजन किया गया। विभिन्न विकास खंड को मिलाकर आए 44 में 21 मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया। विकास खंडवार आंकड़ों पर गौर करें तो विकास खंड कोन में दो, छानबे में एक, हलिया में दो, मझवां में एक, सीखड़ में दो, राजगढ़ में चार, पटेहराकला में शून्य, पहाड़ी में एक, नरायनपुर में शून्य, जमालपुर में छह मामले आए। सबसे अधिक मामला सिटी विकास खंड में 13 व लालगंज में 12 का रहा। सिटी विकास खंड सभागार में खंड विकास अधिकारी रामदरस चौधरी की अध्यक्षता में ब्लाक दिवस का आयोजन हुआ। ज्यादातर मामले कुटुंब रजिस्टर, वृद्धा, विधवा व दिव्यांग से जुड़े रहे। बीडीओ ने मौजूद ग्राम पंचायत एवं विकास अधिकारियों की मदद से पांच मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया। शेष आठ मामलों के निस्तारण के लिए सचिवों को तीन दिन का समय दिया। इस मौके पर एडीओ पंचायत के के सिंह, एडीओ समाज कल्याण सुरेंद्र कुमार बिंद रहे। जिगना, खंड विकास अधिकारी छानबे हरिओम गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित ब्लाक दिवस में किसुनपुर के हिंछलाल ने वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत की। बीडीओ ने आधार कार्ड आदि जमा कर पेंशन भेजवाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सहायक विकास अधिकारी विंध्यवासिनी पाठक, प्रेमचंद पटेल, वेद प्रकाश मौजूद रहे। हलिया, बीडीओ कुलदीप कुमार की अध्यक्षता में आयोजित ब्लाक दिवस में परिवार रजिस्टर संबंधी दो मामले आए जिसमें एक का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। इस अवसर पर एडीओ पंचायत अरुण मिश्र, एडीओ एजी नरेंद्र कानापुरिया, सचिव चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, कौशलेंद्र राय, अमर बहादुर सिंह, शिव शंकर सिंह पटेल के अलावा ग्राम प्रधान मौजूद रहे। राजगढ,लॉक दिवस चार प्रार्थना पत्र आए। दो विधवा पेंशन, दो मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की गई। पेंशन के लिए राजमणि देवी पत्नी राधेश्याम निवासी कुवा खुर्द, एवं गुलाब पुत्र मुन्नीलाल ने मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग किया, वही मूर्ति देवी पत्नी मोहन निवासी कुबा कला, कलावती पत्नी राम प्रसाद निवासी पडरवा वृद्धा पेंशन की मांग की। एडीओ समाज कल्याण ने मौजूद सचिवों की मदद से मामले निस्तारित किया। जमपुर, बीडओ शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित ब्लाक दिवस में कुल छह मामले आए। पांच शौचालय व एक हैंडपंप से संबंधित मामला रहा। हैँडपंप से जुड़े मामले का निस्तारण शेष को संबंधित सचिवों को जांच के लिए सौंपा गया। इस दौरान एडीओ आईएसबी अजय प्रताप सिंह, एडीओ कोआपरेटिव कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, रामदूत यादव, अनिल कुमार, रोहित सिंह, राजेश पांडेय, आलोक यादव, उमाशंकर सिंह सहित सचिव व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।