चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को आस्थाधाम में श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के चंद्रघंटा स्वरूप का दर्शन कर अपने को धन्य किया। मंदिर से लेकर सड़क तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। मंगला आरती के बाद से शुरु हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत जारी रहा। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न वाहन स्टैंडों पर उतरे देवी भक्त गंगा घाटों पर पहुंचे और स्नान के बाद नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर मंदिर में माता के दर्शन किए। न्यू वीआईपी, पुरानी वीआईपी मार्ग, जैपुरिया गली के अलावा भक्त पक्काघाट मार्ग से मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। मंदिर छत पर जगह-जगह साधक माता की आराधना में जुटे रहे। कोई मां विंध्यवासिनी चालिसा का पाठ करता रहा तो कोई दुर्गा सप्तशती के जरिए माता की स्तुति करता दिखा। उधर, विंध्यक्षेत्र की पहाड़ी भक्तों से गुलजार रही। कालीखोह पहुंचकर भक्तों ने माता काली के दर्शन के पश्चात मां अष्टभुजा देवी के दर्शन किए। कोई वाहन तो कोई पैदल ही पहाड़ पर चढ रहा है। अशक्त श्रद्धालुओं के लिए रोपवे की व्यवस्था रही।