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Mirzapur News: छात्र की पिटाई मामले की बीईओ ने की जांच

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हलिया। प्राथमिक विद्यालय महुगढ़ केवटान में उर्दू में पढ़ने के लिए दबाव बनाने के मामले में सोमवार को छानबे के खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल पहुंचकर प्रभारी प्रधानाध्यापक, छात्र, उसके परिजनोंं और बाकी कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच के दौरान विद्यालय की दीवार, बच्चों की उपस्थिति पंजिका के अलावा बच्चों का स्थानांतरण प्रमाण पत्र भी उर्दू में जारी किए जाने की बात सामने आई।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक के उर्दू प्रेम को लेकर बीते शनिवार को छात्र की पिटाई से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। मामला सोशल मीडिया और समाचार पत्राें में सामने आने पर बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर सोमवार को छानबे के खंड शिक्षा अधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने विद्यालय पहुंचकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से पूछताछ की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा एमडीएम, उपस्थिति पंजिका, स्थानांतरण प्रमाण पत्र के अलावा सभी कार्य हिंदी की बजाय उर्दू में किया गया है। इसके चलते खंड शिक्षा अधिकारी भी लिखावट समझ नहीं पाए। जांच की जानकारी होने की सूचना पर थानाध्यक्ष हलिया विष्णु प्रभा सिंह तथा इंडियन मानवाधिकार के जिलाध्यक्ष विजेंद्र पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। जांच के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलावती ने बताया कि उनके पुत्र ने पिछले साल विद्यालय से कक्षा पांच की परीक्षा पास की थी। प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा उसका स्थानांतरण प्रमाण पत्र तथा अंक पत्र उर्दू में जारी किया गया। इससे बच्चे का कहीं नामांकन नहीं हो सका। महुगढ़ गांव निवासी हरिशंकर मौर्य ने बताया कि उनकी भतीजी मनसा का अंक पत्र तथा स्थानांतरण प्रमाण पत्र उर्दू में जारी होने से उसका किसी विद्यालय में नामांकन नहीं हो पाया। जांच अधिकारी ने बताया कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की गई है। रिपोर्ट जल्दी ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी।
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