संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। अहरौरा थाने में दर्ज धर्म परिवर्तन मामले में आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अदलहाट थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी अभिषेक कुशवाहा ने 27 सितंबर को अहरौरा थाने में तहरीर देकर बताया कि वह खेती करता है। उसका काम अच्छा नहीं चल रहा था। कुछ दिनों पहले अदलहाट बाजार में विनोद कुमार निवासी रजौली थाना अदलहाट अपने सहयोगी सुभाष कन्नौजिया निवासी निबी देवरिया थाना अदलहाटके साथ उससे मिले। चर्चा के दौरान वे लोग उसके व्यवसाय खेती के विषय में जाना। खेती व निजी जीवन में हो रहे परेशानी से छुटकारा पाने तथा लाभ प्राप्त करने के लिए रविवार के दिन संपक करने को बताया। 27 सितंबर को पुनः विनोद कुमार व सुभाष कुमार उसे अपने साथ लेकर रामपुर ढबही थाना अहरौरा आए। जहां उनके अन्य सहयोगी उमाशंकर निवासी रामपुर ढबही थाना अहरौरा व राजेंद्र के घर पर पूर्व से सभा का आयोजन गया था। राभा में करीब 18 से 20 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ लोगों को वह जानता भी है। सभा की अगुवाई विनोद व उनके तीनों सहयोगी लोग कर रहे थे। विनोद व उनके उ सहयोगी लोग अपने पास बाईबिल को पढ़ते हुए प्रभु ईसा मसीह का महिमा मंडल करने लगे। बीच बीच में अपना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म को अपनाने के लिए बोल रहे थे। मामले में पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने की प्राथमिकी दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में चारों आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। गवाह और साक्ष्य को देखते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।