मिर्जापुर। अब वाहनों के फिटनेस की जांच उपकरण के माध्यम से होगी। इसके लिए जिले में स्वचलित परीक्षण सेंटर बनाने की तैयारी है। इससे वाहनों के फिटनेस की जांच मशीन के जरिए की जाएगी। प्राइवेट सेक्टर इस सेंटर का संचालन किया जाएगा। परीक्षण सेंटर खोलने पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के लिए एक नवंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।
परिवहन विभाग में वर्तमान में वाहनों के फिटनेस की जांच आरआई मैनुअल तरीके से करते हैं। इसके तहत वाहनों के ब्रेक, हार्न, टायर, इंजन, रिफ्लेक्टर आदि की जांच की जाती है। परंतु स्वचलित परीक्षण सेंटर बन जाने से वाहनों की जांच मशीन के माध्यम से होने लगेगी। आरटीओ संंजय तिवारी ने बताया कि जिले में न्यूनतम दो स्वचलित परीक्षण सेंटर (एटीएस) बनाए जाने है। एक से 14 नवंबर तक नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम पर आवेदन किया जा सकेगा। एटीएस के लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसमें दो लेन होंगे। एक लेन तिपहिया और हल्के वाहन और दूसरा लेन मध्यम व भारी वाहनों के लिए होगा।परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर का पहुंच मार्ग होना चाहिए। स्वचालित परीक्षण स्टेशन की लागत लगभग पांच करोड़ रुपये है। इसके बनने के बाद सभी वाहनों के फिटनेस की जांच मशीन के जरिए होगी। इससे वाहनों की और बेहतर जांच हो सकेगी। एक आवेदक एक जनपद में एक स्वचालित परीक्षण सेंटर स्थापित कर सकेगा।