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गेहूं की खेती का रकबा हुआ कम

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इस बार गेहूं की बोआई का क्षेत्रफल तीन हजार हेक्टेयर कम कर दिया है, जबकि रबी की फसल के दलहन व तिलहन की बोआई का दायरा बढ़ा दिया गया है। अलसी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी।
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रबी की फसलों की खेती के तहत वर्ष 2023 में 95988 हेक्टेयर में गेहूं की बोआई का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि वर्ष 2022 में गेहूं की 98165 हेक्टेयर में करने का लक्ष्य तय किया गया था। इसी प्रकार इस बार सरसों की बोआई 2638 हेक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले 2698 हेक्टेयर में सरसों की बोआई का लक्ष्य था।
इसी क्रम में इस बार 6488 हेक्टेयर में अलसी की खेती का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष 4655 हेक्टेयर में ही अलसी की खेती का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि चना व मटर की खेती के लिए कोई खास परिवर्तन नहीं किया गया है। इस बार 13302 हेक्टेयर में चना की बोआई का लक्ष्य है, जबकि पिछली बार 13310 हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य था।
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पिछली बार 3920 हेक्टेयर में मटर की खेती का लक्ष्य था, जबकि इस बार 3815 हेक्टेयर में ही मटर की खेती का लक्ष्य रखा गया है। जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति ने बताया कि रबी की खेती का सीजन शुरू हो गया है। इसके लिए पर्याप्त बीज सभी राजकीय बीज केंद्रों में उपलब्ध कराए गए हैं।
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