मिर्जापुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अनुप्रिया पटेल ने आरक्षण के मामले में उच्चतम न्यायालय के ताजा फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इस पर अपनी असहमति जताई हैं। श्रीमती पटेल ने कहा है कि एससी-एसटी और ओबीसी के संविधान प्रदत आरक्षण के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दिया गया फैसला दुर्भाग्य पूर्ण है और वंचित वर्गों के अधिकारों पर इससे भयानक कुठाराघात और कोई भी नहीं हो सकता है। श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अदालत के माध्यम से आरक्षण के खिलाफ बार-बार इस तरह के जो फैसले आते हैं, उसका सबसे बड़ा कारण ये है कि हमारी न्यायपालिका के अंदर एससी-एसटी और ओबीसी का प्रतिनिधित्व नहीं है। इसलिए मैं अपनी पार्टी अपना दल एस की तरफ से ये मांग कर रही हूं कि एससी-एसटी, ओबीसी का जो प्रतिनिधित्व है, उसे सुनिश्चित किया जाए। उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का तत्काल गठन किया जाए। श्रीमती पटेल ने इस मामले में केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करे और इस मामले का निपटारा करे, क्योंकि देश का वंचित वर्ग आज हाशिए पर खड़ा है और अपनी चुनी हुई सरकार से ये उम्मीद करता है कि इस तरह के फैसले जो बार-बार कोर्ट द्वारा दिए जाते हैं, सरकार को इसमें सामने आकर वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पटेल ने बताया कि उनकी नेता अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को इस ज्वलंत एवं गंभीर मामले को संसद के अंदर भी उठाया था।