विंध्याचल। गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को विशेष जनेऊ संस्कार के कारण मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की भीड़ पहुंच गई। इस दौरान लाइन में दर्शनार्थियों और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पुलिस पर दर्शनार्थी के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है। उधर, पुलिस दर्शनार्थी के साथ दुर्व्यवहार की घटना से इन्कार कर रही है।
गुप्त नवरात्र की द्वितीया तिथि पर रविवार होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जनेऊ संस्कार के लिए भी काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। दोपहर में राज श्री आरती, शृंगार पूजन के लिए मंदिर बंद होने से 15 मिनट पहले तीर्थ पुरोहित के साथ दर्शन-पूजन के लिए कुछ लोग परिवार के सदस्यों के साथ लाइन में लगे थे। इसके बावजूद पुलिस ने दर्शन-पूजन के लिए जाते समय दर्शनार्थियों को रोक दिया। रोके जाने पर पुलिस, तीर्थ पुरोहित और दर्शनार्थियों के बीच कहासुनी हो गई। मामला बढ़ते देख अन्य पुलिसकर्मियों और तीर्थ पुरोहितों ने समझाकर शांत कराया। सीओ सिटी मनोज गुप्ता ने बताया कि सोशल मीडिया मां विंध्यवासिनी मंदिर का एक वीडियो वायर हो रहा है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा दर्शनार्थियों के साथ बदसलूकी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर जांच की गई। जांच में पता चला कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और मुंडन संस्कार का मुहूर्त होने के कारण ज्यादा भीड़ होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा लोगों को कतारबद्ध कराया जा रहा था। उस दौरान कुछ लोगों द्वारा लाइन तोड़कर आगे जाने का प्रयास किया जा रहा था। जिन्हें पुलिसकर्मियों द्वारा रोक कर लाइन में लगाया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा दर्शनार्थी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की गई है।